Hindi Newsझारखंड न्यूज़why Christians celebrates kabr parv in Jharkhand know history and importance about it
झारखंड में क्यों मनाया जाता है कब्र पर्व? ईसाई समुदाय से है खास कनेक्शन

झारखंड में क्यों मनाया जाता है कब्र पर्व? ईसाई समुदाय से है खास कनेक्शन

संक्षेप:

झारखंड में कब्र पर्व एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसे ईसाई समुदाय द्वारा मनाया जाता है। यह पर्व हर साल 2 नवंबर को मनाया जाता है, जिसमें लोग अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर उन्हें याद करते हैं।

Sun, 2 Nov 2025 11:46 AMUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, रांची | जितेंद्र पोद्दार
share Share
Follow Us on

आपने लोगों को अपनों की कब्र पर रोते-इमोशनल होते देखा होगा। कुछ तो असमय ही साथ छोड़ जाते हैं,जिसका गम सदा के लिए रहता है। उनकी यादों के साथ जीने के लिए लोग कब्र पर जाते हैं, फूल चढ़ाते हैं और न सही तो बातें भी कर लिया कर लेते हैं। उस दिलासे के साथ कि अब यही जीवन है पर क्या आपको पता है कि झारखंड में कब्र पर्व मनाया जाता है। जी हां! आपके लिए यह चौंकने वाली बात हो लेकिन ईसाई समुदाय इसे हर साल मनाता है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

क्या है कब्र पर्व?

झारखंड में कब्र पर्व एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसे ईसाई समुदाय द्वारा मनाया जाता है। यह पर्व हर साल 2 नवंबर को मनाया जाता है, जिसमें लोग अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर उन्हें याद करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

कब्र पर्व का महत्व

कब्र पर्व के दौरान, ईसाई समुदाय के लोग अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाकर मोमबत्ती जलाते हैं, फूल चढ़ाते हैं और अगरबत्ती जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। यह पर्व मृत आत्माओं की स्मृति और उनकी शांति के लिए समर्पित होता है।

कब्र पर्व के दौरान की जाने वाली गतिविधियां

- कब्रिस्तान में विशेष प्रार्थना और मिस्सा बलिदान का आयोजन किया जाता है।

- लोग अपने पूर्वजों की कब्रों को साफ-सुथरा करते हैं और उन्हें सजाते हैं।

- मोमबत्ती जलाकर और फूल चढ़ाकर पूर्वजों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

- ईसाई समुदाय के लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं।

कब्र पर्व का उद्देश्य

कब्र पर्व का मुख्य उद्देश्य अपने पूर्वजों को याद करना और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना है। यह पर्व ईसाई समुदाय के लोगों को अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज , धर्म ज्योतिष , एजुकेशन न्यूज़ , राशिफल और पंचांग पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।