झारखंड कब पहुंचेगा मानसून? बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बुरी खबर; IMD ने दिया बड़ा अपडेट

Mohammad Azam हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड में इस बार मानसून के विलंब से आने की संभावना है। मानसून अब तक केरल तट से दूर है और दो-तीन दिनों के बीच इसके आने की संभावना है। हालांकि इसके आने की सामान्य अवधि 26 मई से एक जून के बीच है। 

झारखंड कब पहुंचेगा मानसून? बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बुरी खबर; IMD ने दिया बड़ा अपडेट

झारखंड में इस बार मानसून के विलंब से आने की संभावना है। मानसून अब तक केरल तट से दूर है और दो-तीन दिनों के बीच इसके आने की संभावना है। हालांकि इसके आने की सामान्य अवधि 26 मई से एक जून के बीच है। इस लिहाज से यह बिलंब हो गया है। इस देरी के कारण इसके झारखंड में भी देर से पहुंचने की संभावना है। इसके आने में इस बार सप्ताह भर की देरी की संभावना जताई जा रही है।

केरल तट पर प्रवेश करने के बाद मानसून आमतौर पर 10 से 12 दिनों के बाद झारखंड में दस्तक देता है। केरल तट पर दस्तक देने के बाद यह देश के विभिन्न हिस्सों से उत्तर की दिशा में बढ़ते हुए उत्तर पूर्वी राज्यों की ओर बढ़ेगा। अगले पांच से सात दिन बाद यह देश के दक्षिणी भाग के तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के असम सहित सभी राज्यों के बाद यह पश्चिम बंगाल से होते हुए बिहार-झारखंड में प्रवेश करेगा। अल नीनो प्रभाव के कारण इस बार कम बारिश होने की आंशका व्यक्त की जा रही है। इसका कारण है कि दक्षिणी अमेरिकी देश पेरू के पास प्रशांत महासागर का गर्म होना। इसे अल नीनो के तौर पर जाना जाता है। इसका प्रभाव अंडमान सागर पर भी पड़ता है। यहां समुद्र की सतह का तापमान ठंडा हो जाता है। बंगाल की खा़ड़ी से लेकर अंडमान सागर के सिस्टम प्रभावित होते हैं। इससे मानसून प्रभावित होता है।

मानसून कमजो रहने के आसार

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस बार मानसून कमजोर रह सकता है। बारिश छह प्रतिशत तक कम हो सकती है। पूर्वानुमान के मुताबिक यह प्रतिशत घट-बढ़ भी सकता है। सामान्य से कम बारिश और कहीं-कहीं कम बारिश होने से खरीफ की खेती प्रभावित हो सकती है। उपज कम हो सकती है। विशेषकर खरीफ की अच्छी फसल के लिए खेतों में भरपूर पानी नहीं होने से पैदावार प्रभावित हो सकी है।

● वार्षिक सामान्य औसत से कम बारिश होना

● बारिश नहीं होना और अकाल की स्थिति

● निर्धारित अवधि के बाद मानसून का प्रवेश करना

● कृषि कार्य के अनुकूल बारिश नहीं होना

● क्षेत्रवार असमान वर्षा वितरण होना

● कहीं अति बारिश और कहीं सूखे की स्थिति

स्थिति अनुकूल हुई तो समय पर प्रवेश

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार देश में मानसून ने अभी दस्तक नहीं दी है। चार जून को इसके दस्तक देने की उम्मीद है। इस लिहाज से झारखंड में इसके आगमन की निश्चित तिथि नहीं बतायी जा सकती। पिछले बार समय से पहले 26 मई को केरल आया था, लेकिन झारखंड यह 17 जून को पहुंचा। वैसे सामान्य अवधि 10 से 15 जून के बीच है। स्थिति अनुकूल हो जाएगी तो यह समय पर भी पहुंच सकता है।

पिछले 10 सालों में झारखंड कब पहुंचा मानसून

2015 15 जून

2016 17 जून

2017 16 जून

2018 25 जून

2019 21 जून

2020 13 जून

2021 18 जून

2022 25 जून

2023 19 जून

2024 18 जून

2025 17 जून

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam

संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


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आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


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