खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध से झारखंड के हजारों परिवारों की सांसे अटकीं, काम करने गए लोग अभी भी फंसे
इनमें श्रमिक, ड्राइवर, तकनीशियन, नर्स, होटल कर्मी और अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं। युद्ध की खबरों के बीच झारखंड में रह रहे उनके परिजन आशंका और डर के साए में जी रहे हैं।

खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध ने झारखंड के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग वर्षों से खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। इनमें श्रमिक, ड्राइवर, तकनीशियन, नर्स, होटल कर्मी और अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं। युद्ध की खबरों के बीच झारखंड में रह रहे उनके परिजन आशंका और डर के साए में जी रहे हैं।
दुबई, कतर, ईरान, ओमान, तेहरान में फंसे सैंकड़ो लोग
गिरिडीह के कई लोग कतर और दुबई में फंसे हैं। जपला के तीन बच्चे, दो महिला समेत आठ लोग ईरान में फंसे हैं। इसके अलावा लोहरदगा के व्यवसायी अमित कुमार दुबई में अपने रिश्तेदार के साथ फंसे हैं। वहीं हजारीबाग जिले के चरही, चौपारण और हजारीबाग के छात्र समेत सैकड़ों लोग दुबई, कतर, ईरान, ओमान, तेहरान में फंसे हैं। कोडरमा जिले के लोग भी फंसे हुए हैं। मरकच्चो निवासी अंसार आलम ने बताया की उनके परिवार के आधा दर्ज़न लोग बहरीन में हैं। हाज़रा खातून के पुत्र भी दुबई में काम करते हैं। हारून शेख के दो पुत्र दुबई में हैं।
इंटरनेट बंद होने से संपर्क टूटा
गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों से कई देशों में इंटरनेट सेवाएं बंद या सीमित कर दी गई हैं। ऐसे में वीडियो कॉल के जरिए बातचीत लगभग ठप हो गई है। कई परिवारों का कहना है कि घंटों कोशिश के बाद भी संपर्क नहीं हो पा रहा, जिससे बेचैनी और बढ़ गई है। हालांकि कुछ प्रवासी कामगारों ने फोन कॉल या संदेश के माध्यम से अपने घरवालों को भरोसा दिलाया है कि वे फिलहाल सुरक्षित हैं।
वहां मौजूद लोगों के अनुसार माहौल तनावपूर्ण है। जगह-जगह सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ है और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
गांवों में हो रही सलामती की दुआएँ
इधर, झारखंड के गांवों और कस्बों में परिवार अपने प्रियजनों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। लोग एक-दूसरे से हालचाल ले रहे हैं और हर नई खबर पर नजर बनाए हुए हैं। प्रवासियों का कहना है कि वे सरकार की गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं और आगे की स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
और पढ़ें


