108 एंबुलेंस आई, मगर गाड़ी में नहीं थी ऑक्सीजन, जर्जर सड़क पर फट गया टायर; मरीज की मौत का जिम्मेदार कौन?
108 Ambulance: झारखंड के खस्ता स्वास्थ्य सिस्टम की बदहाली एक बार फिर सबके सामने आ गई है। 108 एंबुलेंस में करीब 10 किमी जर्जर सड़क से अस्पताल ले जाते समय 65 वर्षीय संतोष कुंभकार की शनिवार को रास्ते में ही मौत हो गई।

108 Ambulance: झारखंड के खस्ता स्वास्थ्य सिस्टम की बदहाली एक बार फिर सबके सामने आ गई है। 108 एंबुलेंस में करीब 10 किमी जर्जर सड़क से अस्पताल ले जाते समय 65 वर्षीय संतोष कुंभकार की शनिवार को रास्ते में ही मौत हो गई। पटमदा प्रखंड के जोड़सा निवासी संतोष कुंभकार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोपहर करीब 1.50 बजे 108 एंबुलेंस से माचा स्थित अस्पताल ले जाया जा रहा था।
एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं, टायर भी फट गया- मरीज की मौत
परिजनों का कहना है कि मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता थी, लेकिन एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं थी। इस दौरान रास्ते में एंबुलेंस का चक्का भी फट गया, हालांकि चालक ने वाहन को उसी अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। इस बीच मरीज की हालत बिगड़ती गई और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उनका कहना है कि ऑक्सीजन की व्यवस्था होती व वाहन ठीक होता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।
108 एंबुलेंस कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
यह घटना 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि एंबुलेंस का संचालन रांची मुख्यालय से ही होता है और दो दिन पहले ही मरम्मत के बाद एंबुलेंस सीएचसी को भेजी गई थी।
मौत का जिम्मेदार कौन
पटमदा के माचा सीएचसी में मरीज की मौत पर रोते परिजन एंबुलेंस का फटा टायर (इनसेट) । मौत का जिम्मेदार कौन ग्रामीण इलाकों में आज भी कई सड़कें पैदल चलने लायक नहीं है। प्रखंड से लेकर जिला और राज्य तक सरकार के प्रतिनिधि हैं। अधिकारियों की टीमें लगी हैं। बावजूद इसके न तो गंभीर मरीजों को बचाने की सुविधा है और न ही अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम है। जिस अव्यवस्था से संतोष को जान गंवानी पड़ी, उसके लिए जिम्मेदार कौन है। संतोष के परिजन यह पूछ रहे हैं।


