अवैध खनन वालों की खैर नहीं! झारखंड के सभी जिलों में बनेगी टास्क फोर्स
झारखंड में अवैध खनन करने वालों की अब खैर नहीं है। राज्य में अवैध खनन को रोकने के लिए जल्द ही सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट लेवल टास्क फोर्स सेल बनेगा। इसके अलावा अवैध खनन परिवहन की जांच के लिए विभिन्न जिलों में चेकनाका भी बनाए जाएंगे।

झारखंड में अवैध खनन को रोकने के लिए जल्द ही सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट लेवल टास्क फोर्स सेल बनेगा। इसके अलावा अवैध खनन परिवहन की जांच के लिए विभिन्न जिलों में चेकनाका भी बनाए जाएंगे। यह निर्णय खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया है। बैठक में खनन से जुड़े विभिन्न विभागों के मामलों के आपसी समन्वय से निष्पादन, खनन प्रहरी से मिली शिकायतों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई, वित्तीय वर्ष 2026-27 के अगस्त माह तक राजस्व वसूली सहित कई अन्य बातों पर भी सहमति बनी। बता दें कि खान प्रहरी केंद्रीय कोयला मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसका उपयोग अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी की गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए किया जाता है। बैठक में खान निदेशक राहुल सिन्हा, अपर निदेशक खान, उप निदेशक खान (मु.), परिवहन विभाग, पुलिस मुख्यालय के प्रतिनिधि, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, संबंधित अंचल के उप निदेशक खान एवं सभी जिलों के उपायुक्त, आरक्षी अधीक्षक तथा खनन पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
पांच जिलों के डीएमओ ने चेकनाका बनाने के लिए मांगा फंड
बैठक में जिलों में चेकनाका की स्थिति को लेकर आए प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। बताया गया कि राज्य के 14 जिलों यथा धनबाद, गुमला, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, दुमका, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां एवं कोडरमा में स्थायी/अस्थायी रूप से चेकपोस्ट का संचालन हो रहा है। कुल पांच जिलों यथा चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, खूंटी एवं देवघर के खनन पदाधिकारी द्वारा चेकपोस्ट स्थापना के लिए राशि की मांग की है, जिसे जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, रांची, लातेहार, गिरीडीह, चाईबासा, लोहरदगा एवं कोडरमा में चेकपोस्ट नहीं है। बैठक में उपरोक्त जिलों में चेकनाका बनाने का निर्णय लिया गया।
अगस्त तक 36.59 प्रतिशत हुई राजस्व वसूली
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में तय राजस्व लक्ष्य और वसूल की गई राशि पर चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष के लिए 27,000 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके विरुद्ध अगस्त तक 9877.98 करोड़ रुपये (36.59 प्रतिशत) वसूली हो पाई है। जिलों में चाईबासा, धनबाद, हजारीबाग और पाकुड़ जैसे जिलों से खनन क्षेत्रों से सर्वाधिक राजस्व मिला है। इन जिलों में अगस्त माह तक क्रमश: 1836.10 करोड़, 1396.84 करोड़, 1325.66 करोड़ और 1123.98 करोड़ रुपये का है। वहीं, कई जिलों में राजस्व वसूली काफी धीमी प्रगति पर है। इनमें गढ़वा, सिमडेगा, कोडरमा और खूंटी सरीके जिले शामिल है।
अवैध खनन, परिवहन-भंडारण के रोकथाम पर निर्देश
● मिले शिकायतों का सही तरह से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
● उच्च न्यायालय द्वारा अवैध खनन से संबंधित मामलों में पारित न्यायादेश का अनुपालन सुनिश्चित करें।
● खनन प्रहरी के माध्यम से मिली शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें।
● एनजीटी न्यायालय के दिए आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
● खनिज आपूर्ति के लिए लीगल सोर्स की बढ़ोतरी पर कार्रवाई करें।
● थाना परिसर में जब्त खनिजों एवं वाहनों का निष्पादन नियमानुसार हो।


