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1 जून, 2020|4:18|IST

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चिंताजनक : झारखंड में कोरोना की रफ्तार देश से ज्यादा 

दूसरे प्रदेशों से प्रवासी झारखंडियों की घरवापसी तेज़ होने के साथ ही सूबे में कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है। यह रफ्तार पिछले एक हफ्ते के दौरान राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा हो गई है। चिंता की बात यह कि अब सूबे में मात्र 11 दिन में कोरोना के मरीजों की संख्या दोगुनी हो जा रही है। 

पिछले सप्ताहांत (16 मई) को झारखंड की स्थिति संक्रमण के हर मानक पर देश के औसत से बेहतर थी। लेकिन पिछले एक सप्ताह में राज्य में मरीजों का ग्रोथ रेट (वृद्धि दर) डेढ़ गुना बढ़ोतरी के साथ 4.83 प्रतिशत से 6.1 प्रतिशत पर पहुंच गया है। वहीं राष्ट्रीय वृद्धि दर 5.4 है। मरीजों के दोगुना होने की दर भी झारखंड में पिछले सप्ताह राष्ट्रीय औसत 13.30 प्रतिशत के मुकाबले 14.7 प्रतिशत पर था। यानी राष्ट्रीय स्तर पर जहां 13 दिन में मरीज दोगुना हो रहे थे, वहीं झारखंड में 14.7 दिन में। इस सप्ताहांत झारखंड में जहां महज 11.6 दिन में ही मरीज दोगुना हो रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय दर 13.1 पर स्थिर है। सूबे में मरीजों की रिकवरी रेट भी पिछले सप्ताह की तुलना में कम हुई है। बावजूद इसके रिकवरी और डेथ रेट में हम नेशनल रेट से बेहतर स्थिति में हैं। इस सप्ताह नेशनल रिकवरी रेट जहां 40.9 फीसदी है, वहीं झारखंड की रिकवरी रेट 44.20 प्रतिशत है। हालांकि पिछले सप्ताह के 52 प्रतिशत की तुलना में झारखंड 12 अंक नीचे गिरा है। दूसरी तरफ डेथ रेट में झारखंड पिछले सप्ताह के 1.38% के मुकाबले इस सप्ताह महज 0.97% है। 

अब तक 21429 प्रवासियों की जांच में 180 पॉजिटिव : स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ कुलकर्णी ने बताया कि अब तक राज्य में दूसरे प्रदेशों से लौटने वाले लगभग 21429 लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है। इनमें सर्वाधिक 9378 मुंबई से लौटे हैं। वहीं गुजरात से लौटने वाले लगभग 3000 प्रवासियों की जांच हुई है। इनमें अब तक लगभग 180 प्रवासी पॉजिटिव पाए गए हैं।

रांची में अब 57 दिनों में दोगुना हो रहे मरीज  : कोरोना संक्रमण टेस्टिंग के मामलों में  रांची का आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर से  बेहतर है। राष्ट्रीय स्तर पर जहां प्रति लाख आबादी में 209 टेस्ट किए जा रहे हैं वहीं रांची में प्रति लाख की आबादी पर 285 टेस्ट हो रहे हैं। राज्य के अन्य जिलों से भी यह आंकड़ा  बेहतर हैं। उपायुक्त राय महिमापत रे ने बताया कि शनिवार तक रांची में 10 हजार टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं रांची में कोरोना संक्रमितों के दोगुना होने की दर भी अब राज्य के अन्य ऑरेंज जिलों से बेहतर हो गया है। यहां 57 दिनों में संक्रमण दोगुना हो रहा है। अप्रैल के में यह दर साढ़े तीन दिन था। संक्रमित जिलों की सूची में रांची राज्य में चौथे पायदान पर पहुंच गया है। 10 दिन पहले तक रांची संक्रमण के मामले में राज्य में अव्वल जिला था। 

अब रांची में कोरोना के मात्र 15 एक्टिव केस रह गए हैं। प्रति लाख आवादी पर एक्टिव केसों की सूची में रांची झारखंड में पांचवें स्थान पर है। वहीं संख्या के आधार पर पॉजिटिव मिलने वालों की सूची में रांची रांची छठे स्थान पर आ गया  है। 

मात्र 10 प्रवासी पॉजिटिव: अन्य जिलों से रांची आने वाले प्रवासी श्रमिकों में अभी तक मात्र 10 लोग ही पॉजिटिव पाए गाए हैं। रांची से लगभग 7018 मजदूरों को रांची जिला प्रशासन के बसों से घर तक पहुंचाया गया है। इनमें 1603 बंगाल के, 770 बिहार के, 409 यूपी के, 821 छत्तीसगढ़ के और अन्य झारखंड के अलग-अलग जिलों के प्रवासी मजदूर थे। अभी भी सूचना मिलने पर पैदल चलने वाले मजदूरों को हेल्पलाइन की मदद से पहुंचाया जा रहा है। रिंग रोड के इलाके में दो बसें लगातार चल रही हैं जो ऐसे मजदूरों की मदद कर रही है।  

92 फीसदी शिकायतों का हुआ समाधन : उपायुक्त राय महिमापत रे ने बताया कि 181, 1950 या अन्य माध्यमों से आने वाले लगभग 92 फीसदी शिकायतों का समाधान किया गया है। कुल 6221 शिकायतें आईं हैं। इसमें 5775  शिकायतों का समाधान हो चुका है। अभी तक तत्पर और 1950 दोनों को मिलाकर चार हजार 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। उपायुक्त ने बताया  कि पिछले 24 घंटे में मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र और मुख्यमंत्री दीदी किचेन के माध्यम से 40 हजार लोगों को खाना खिलाया जा चुका है। इसके अलावा सीएम किचेन से छह हजार लोगों को खिलाने का आकड़ा अलग हैं। 536 मुख्यमंत्री दीदी किचेन जिले भर में चल रहे हैं।/ इ

  

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  • Web Title:Worrying: Corona speed in Jharkhand more than country