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Hindi News झारखंडआलमगीर आलम की गिरफ्तारी से बैकफुट पर क्यों कांग्रेस, एक बड़े नुकसान का डर

आलमगीर आलम की गिरफ्तारी से बैकफुट पर क्यों कांग्रेस, एक बड़े नुकसान का डर

कैश बरामदगी के बाद से ही कांग्रेस ने आलमगीर आलम से दूरी बना ली थी। झारखंड में राहुल गांधी की चुनावी सभाओं में आलमगीर आलम को नहीं बुलाया जाना इसका प्रमाण है।

आलमगीर आलम की गिरफ्तारी से बैकफुट पर क्यों कांग्रेस, एक बड़े नुकसान का डर
Devesh Mishraहिन्दुस्तान,रांचीThu, 16 May 2024 08:35 AM
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आलमगीर आलम संताल परगना के बड़े अल्पसंख्यक चेहरा हैं। झारखंड सरकार में भी इनकी हैसियत नंबर दो की थी। चुनाव के दौरान इनकी गिरफ्तारी राज्य के सियासी हलके में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। संताल की सियासत में भी आलमगीर की गिरफ्तारी का असर पड़ने के आसार हैं।

एक बड़े नुकसान का डर
जानकारों की मानें तो एक तरफ आलमगीर की गिरफ्तारी से अल्पसंख्यकों में सहानुभूति की लहर पैदा हो सकती है और इसका फायदा इंडिया गठबंधन को मिल सकता है। दूसरी तरफ लोगों का मानना है कि आलमगीर के करीबी के यहां से करोड़ों की कैश बरामदगी के कारण दांव उलटा पड़ सकता है। इससे बड़ा नुकसान हो सकता है।

कांग्रेस ने बनाई दूरी
दूसरी ओर, कैश बरामदगी के बाद से ही कांग्रेस ने आलमगीर आलम से दूरी बना ली थी। झारखंड में राहुल गांधी की चुनावी सभाओं में आलमगीर आलम को नहीं बुलाया जाना इसका प्रमाण है। पिछली बार हुई सभा में आलमगीर आलम मौजूद नहीं थे।

बैकफुट पर कांग्रेस
आलमगीर झारखंड के सर्वाधिक मुस्लिम मतदाता बहुल पाकुड़ से विधायक हैं। कैश कांड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के स्टार प्रचारक आलमगीर पर बोल रहे हैं। संताल के तीन लोक सभा क्षेत्र दुमका, गोड्डा और राजमहल में अंतिम चरण यानी एक जून को मतदान होना है। मतदान के एक पखवाड़ा पहले आलमगीर की ईडी द्वारा गिरफ्तारी का असर तीनों सीटों पर भी अवश्य पड़ेगा। बहरहाल देखना यह है कि संताल के मतदाता इसे किस रूप में लेते हैं यह परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा। इतना तो स्पष्ट है कि आलमगीर की गिरफ्तारी से कांग्रेस बैकफुट पर है।

इस्लामपुर स्थित मंत्री के आवास पर पसरा सन्नाटा
सूबे के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को कैश कांड में ईडी के द्वारा बुधवार की शाम को गिरफ्तार कर लेने के बाद यहां इस्लामपुर स्थित उनके पैतृक आवास पर सन्नाटा पसरा है। मकान का मेन गेट बंद है। अंदर कैंपस में सुरक्षा गार्ड वगैरह नजर नहीं आ रहा है। रात करीब 8.40 बजे उनके आवास पर पहुंचने पर कोई चहल-पहल नहीं दिखी। कैम्पस में गार्ड या कोई कर्मी तक दिखाई नहीं पड़े। कैम्पस में बिजली की रोशनी से खिड़की व कमरों का दरवाजा बंद दिख रहा था। आसपास रहने वाले कुछ ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री के परिवार के अभी रांची में हैं।