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Hindi News झारखंडमंत्री पद कब छोड़ेंगे आलमगीर आलम? पक्ष और विपक्ष में ठनी, क्यों दुविधा में फंसे सीएम चंपाई

मंत्री पद कब छोड़ेंगे आलमगीर आलम? पक्ष और विपक्ष में ठनी, क्यों दुविधा में फंसे सीएम चंपाई

कांग्रेस नेता और झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद उनके पद से इस्तीफा नहीं देने पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष सीधे इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष में कांग्रेस बचाव में है

मंत्री पद कब छोड़ेंगे आलमगीर आलम? पक्ष और विपक्ष में ठनी, क्यों दुविधा में फंसे सीएम चंपाई
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,रांचीFri, 17 May 2024 08:24 AM
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कांग्रेस विधायक दल के नेता और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को उनके मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिये जाने पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष सीधे इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष में कांग्रेस बचाव में है। मंत्री आलमगीर आलम के इस्तीफे पर अभी भी मंथन जारी है और संशय बरकरार है। राज्य सरकार और पार्टी फिलहाल इस निर्णय पर नहीं पहुंची है कि उनसे इस्तीफे की मांग की जाए या फिर सीधे मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए। लोकसभा चुनाव के झारखंड में अभी भी तीन चरण बाकी हैं। इसे देखते हुए पार्टी और सरकार निर्णय लेने में देरी कर रही है।

झारखंड में 20 मई को चतरा, हजारीबाग व कोडरमा में, 25 को रांची, जमशेदपुर, धनबाद व गिरिडीह में और एक जून को दुमका, गोड्डा और राजमहल में चुनाव होने हैं। इसमें पांच सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं। आलमगीर आलम पुराने नेता हैं और उनकी अल्पसंख्यक समुदाय में अलग पहचान है। वे पाकुड़ से विधायक हैं, जिससे विशेषकर संताल में उनकी मजबूत पकड़ दिखती है। ऐसे में सरकार और पार्टी अंतिम चरण के चुनाव से पहले मंत्री पद से हटाने का खतरा नहीं लेना चाह रही है। मंत्री पद से इस्तीफा होने से कहीं मतदाताओं की नाराजगी न झेलनी पड़े और उसका असर चुनाव परिणाम में न पड़ जाए, इस वजह से इसे फिलहाल टाला जा रहा है।

आलम से इस्तीफा लें सीएम: अरुण

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि झारखंड की गठबंधन की सरकार में भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण चरम पर है। मंत्री आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया गया है। पूरे देशवासियों ने देखा कि 38 करोड़ रुपए उनके सहयोगी और नौकर के पास से मिले हैं तो कल्पना करनी चाहिए कि कितने सौ करोड़ रुपये और उनके पास होंगे। उसके बाद भी अभी तक आलमगीर आलम ने इस्तीफा नहीं दिया है। मुख्यमंत्री से आग्रह है कि तुरंत उनसे इस्तीफा लें। जांच को और तेज कर झारखंड की गरीब जनता से लूटे गए पैसे उजागर होने चाहिए।

आलमगीर खुद निर्णय लेंगे: राजेश

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि आमलगीर आलम संजीदा व्यक्ति हैं। इस्तीफा पर वह खुद निर्णय लेंगे। भाजपा इस्तीफा के लिए जो ज्ञान बांट रही है, उसे तो कुछ कहने का अधिकार ही नहीं है। जो नैतिकता की पाठ पढ़ा रहे हैं वे दुष्कर्म के आरोपी रेवेन्ना पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। उन पर तो कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री ने उनके लिए वोट तक मांगा। किसानों पर गाड़ी चढ़ाने वाले बेटे या उनके मंत्री पिता पर कार्रवाई नहीं हुई और न ही इस्तीफा लिया गया। चुनावी फायदे के लिए इस तरह की राजनीति नहीं हो चाहिए। आलमगीर आलम को ईडी ने दो दिन बुलाया। उन्होंने पूछताछ में सहयोग किया। उन्हें फिर बुलाया जाता तो भी वे जाते। अब रिमांड में लेकर फिर से पूछताछ की जा रही है।