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झारखंड में कुर्बानी को लेकर बवाल, पश्चिम बंगाल के लोगों ने किया बमों से हमला; स्पेशल फोर्स तैनात

किष्टोनगर से गोपीनाथपुर में घुसे उपद्रवियों द्वारा की गई बमबाजी व अगजनी से ग्रामीण सहमे से हैं। ग्रामीणों की मानें तो सोमवार को हुए विवाद के बाद पुलिस ने पूरे मामले को शांत करा लिया था।

झारखंड में कुर्बानी को लेकर बवाल, पश्चिम बंगाल के लोगों ने किया बमों से हमला; स्पेशल फोर्स तैनात
police officer on phone call symbolic image
Devesh Mishraहिन्दुस्तान,पाकुड़Wed, 19 Jun 2024 11:13 AM
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झारखंड में सोमवार को शुरू दो पक्षों के विवाद ने मंगलवार को उग्र रूप धारण कर लिया। पश्चिम बंगाल के किष्टोनगर गांव के सैकड़ों उपद्रवियों ने गोपीनाथपुर गांव पर बमों से हमला कर दिया। गांव में घुस कर दर्जनों बम फोड़े। एक मकान में आग लगा दी और पथराव भी किया। पथराव में होमगार्ड का एक जवान भी घायल हो गया। गोपीनाथपुर के लोगों ने गांव से भागकर जान बचाई। यह पाकुड़ के मुफस्सिल थाना क्षेत्र की घटना है। पूरा विवाद कुर्बानी को लेकर खड़ा हुआ। 

उपद्रवियों पर काबू पाने में असफल रही पुलिस
गोपीनाथपुर के ग्रामीणों की मानें तो उपद्रवियों ने फायरिंग भी की। दो उपद्रवियों के घायल होने की बात भी बताई जा रही है। हालांकि फायरिंग की बात को पुलिस नकार रही है। स्थिति अनियंत्रित देख पुलिस अधिकारियों ने इसकी सूचना एसपी को दी। एसपी प्रभात कुमार एसडीएम प्रवीण करकेट्टा, डीडीसी शाहिद अख्तर, सभी थानों के थानेदार अतिरिक्त बल के साथ पहुंचे। उधर पश्चिम बंगाल शमशेरगंज थाना के अलावा कई थानों की पुलिस पहुंची, पर उपद्रवियों पर काबू पाने में असफल रही।

बमबाजी से सहम उठे गोपीनाथपुर के ग्रामीण
किष्टोनगर से गोपीनाथपुर में घुसे उपद्रवियों द्वारा की गई बमबाजी व अगजनी से गोपीनाथपुर गांव के ग्रामीण सहमे से थे। ग्रामीणों की मानें तो सोमवार को हुए विवाद के बाद पुलिस ने पूरे मामले को शांत करा लिया था। रात भर पुलिस गांव में ही कैम्प कर रही थी। सुबह 10 बजे तक सब कुछ शांत चल रहा था। कहीं कोई विवाद नहीं दिख रहा था।

अचानक उपद्रवियों का अटैक
अचानक से दस बजे के बाद करीब 500 से अधिक की संख्या में उपद्रवी किष्टोनगर से गोपीनाथपुर में घुसे जहां से कुछ दूरी पर पुलिस कैम्प कर रही थी। गांव में घुसते ही उपद्रवियों ने सबसे पहले एक घर में आग लगा दी। उसके बाद दर्जनों की संख्या में सुतली बम फोड़े। अचानक से हुए हमले में कैम्प कर रही पुलिस को भी संभलने का मौका नहीं मिला। एक बार तो पुलिस कुछ देर के लिए पीछे हटी उसके बाद पूरी सख्ती से उपद्रवियों को खदेड़ा।

पुलिस पर भी पथराव
उपद्रवियों को खदेड़ रही पुलिस पर उपद्रवियों ने पथराव भी कर दिया। इस पथराव में झारखंड होमगार्ड बल के एक जवान भी पत्थर से घायल हो गए। घायल की पहचान बैद्यनाथ यादव सैनिक संख्या 42 के रूप में हुई है। घायल जवान ने बताया कि विवाद के दौरान हम लोग यहां पर मौजूद थे। इसी दौरान पश्चिम बंगाल की ओर से फेंके गए पत्थर उन्हें लगा, जिससे वह घायल हो गए। बहरहाल होमगार्ड को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। गांव में स्थिति अब भी तनावपूर्ण है। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील है। स्पेशल फोर्स तैनात की गई है।

कैसे शुरू हुआ विवाद
बकरीद के मौके पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा प्रतिबंधित मवेशी की कुर्बानी दी जा रही थी। कुर्बानी दे रहे लोगों को उनके जमीन से हट कर अपने जमीन पर कुर्बानी देने को कहा गया। जिससे कुर्बानी दे रहे लोग गाली-गलौज पर उतर आए और मारपीट की धमकी देने लगे। विवाद के बीच कुर्बानी दे रहे लोगों ने नदी के उस पार बसे लोगों को काफी संख्या में बुला लिया। पश्चिम बंगाल से आए लोगों ने लोगों के घर पर पथराव भी किया और दहशत फैलाने के उद्देश्य से बम भी चलाए। सोमवार को पश्चिम बंगाल व पाकुड़ पुलिस के सहयोग से मामले को शांत करा दिया गया था। परंतु मंगलवार को उपद्रवियों ने एक बार फिर से अचानक हमला बोला और जम कर उत्पात मचाया।

चप्पे-चप्पे पर है पुलिस बल की तैनाती
लगातार दो दिनों से हो रहे विवाद के बाद गोपीनाथपुर गांव में चौक-चौराहे सहित जगह-जगह पर फोर्स को तैनात किया गया है। ताकि आगे किसी भी तरह का विवाद उत्पन्न ना हो। उधर पश्चिम बंगाल में भी सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। गांव में पुलिस बल के तैनाती के बाद भी गांव के ग्रामीणों में भय व्याप्त है। गोपीनाथपुर के ग्रामीणों का कहना है कि न जाने कब किधर से हमला हो जाय कहा नहीं जा सकता है। गांव के एक भी परिवार के लोग चैन की नींद नहीं ले पा रहे हैं।

सोमवार से शुरू हुआ विवाद मंगलवार को भी जारी रहने से पुलिस कर्मियों की परेशानी बढ़ गयी। सोमवार को दिन भर थके पुलिस जवान रात को सही से आराम भी नहीं कर पाए थे कि मंगलवार को भी दुगूने परेशानी से दो चार होना पड़ा। उपद्रवियों के हमले के बाद पुलिस जवानों के हैरान परेशान चेहरे उपद्रवियों द्वारा मचाए गए उत्पात की कहानी बयां कर रहे थे। पुलिस जवानों का कहना था कि परेशानी जरूरी है, परंतु यह उनकी ड्यूटी का पार्ट है।