ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News झारखंडउत्तरकाशी सुरंग में बेटा मौत को हराकर निकला; इंतजार कर रहे पिता ने पहले ही तोड़ दिया दम

उत्तरकाशी सुरंग में बेटा मौत को हराकर निकला; इंतजार कर रहे पिता ने पहले ही तोड़ दिया दम

उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू अभियान में कड़ी मेहनत के बाद टनल के अंदर पिछले 16 दिनों से फंसे सभी 41 मजदूरों को दोबारा जिंदगी मिली। सुरंग के अंदर फंसे एक मजदूर के पिता की मौत हो गई। घर में कोहराम मच गया।

उत्तरकाशी सुरंग में बेटा मौत को हराकर निकला; इंतजार कर रहे पिता ने पहले ही तोड़ दिया दम
Himanshu Kumar Lallजमशेदपुर, लाइव हिन्दुस्तान Wed, 29 Nov 2023 02:00 PM
ऐप पर पढ़ें

उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू अभियान मंगलवार रात को पूरा हो गया। कड़ी मेहनत के बाद टनल के अंदर पिछले 16 दिनों से फंसे सभी 41 मजदूरों को दोबारा जिंदगी मिली। लेकिन, अपने बेटे के इंतजार में एक पिता ने दम तोड़ दिया। आखिरी सांस तक 70 साल के बसेत मूर्मू टनल में फंसे अपने बेटे भुक्तू मुर्मू का बेसब्री से इतंजार करते रहे और उनकी मौत हो गई।  

संभवत: बसेत की मौत का कारण हार्ट अटैक हो सकता है। आपको बता दें कि 12 नवंबर से उत्तराखंड के उत्तरकाशी टनल के अंदर फंसे 41 मजदूरों में से सबसे ज्यादा 15 मजदूर झारखंड के रहने वाले थे। वह झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया ब्लॉक के बांकीसोल पंचायत के सुदूर पहाड़ी गांव बहदा के रहने वाले थे। 

हिन्दुस्तान टाइम्स के देबाशीष सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, बसेत के दामाद ठाकर हांसदा कहते हैं कि मंगलवार सुबह वह उनके साथ बैठे हुए थे। टनल के अंदर फंसा होने की वजह से उनको अपने बेटे भुक्तू की बहुत ही चिंता थी और  मंगलवार सुबह 8 बजे करीब वह बिस्तर से गिरकर दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।

ठाकर ने बताया कि बसेत की दुखद मृत्यु की सूचना परिजनों को दी। बसेत का बड़ा बेटा रामराय मुर्मू चेन्नई में काम करता है, जबकि उसका सबसे छोटा बेटा मंगल मुर्मू हादसे के वक्त दिहाड़ी मजदूरी करने पास के गांव में गया था।  भक्तु की मां पिटी मुर्मू मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं।

बहन और बहनोई घर में थे जब मंगलवार सुबह उनके पिता बसेत मुर्मू की मृत्यु हो गई। परिवार के सदस्यों के अनुसार, सोंगा बांद्रा ने उन्हें 12 नवंबर की शाम को भक्तू के सुरंग के अंदर फंसे होने की सूचना दी थी। सोंगा ने भी भक्तू के साथ काम किया था लेकिन सौभाग्य से घटना के समय वह सुरंग से बाहर आ गया था।

उन्होंने कहा कि भक्तू के सुरंग से बाहर आने की कोई सकारात्मक जानकारी नहीं मिलने से पिता हर दिन उदास रहने लगे थे और इससे उन्हें दिल का दौरा पड़ा। डुमरिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) डॉ साइबा सोरेन ने कहा कि उन्हें बसेत मुर्मू की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

उनका कहना था कि ऐसे मामलों में चिंता और टेंशन से उच्च रक्तचाप हो सकता है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है। बिस्तर से गिरने के बाद सिर में चोट लगने से भी मृत्यु हो सकती है। बसेत की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आएगी। 
 
झारखंड के लोगों की सूची
नाम                प्रदेश 

विश्वजीत कुमार     झारखंड
सुबोध कुमार      झारखंड
अनिल बेदिया      झारखंड
श्राजेद्र बेदिया      झारखंड
सुकराम         झारखंड
टिंकू सरदार      झारखंड
गुनोधर         झारखंड
रणजीत        झारखंड
रविंद्र          झारखंड
महादेव          झारखंड
भक्तू मुर्मू         झारखंड
समीर          झारखंड
चमरा उरॉव      झारखंड
विजय हीरो       झारखंड
गणपति         झारखंड

राज्यवार मजदूरों की संख्या
झारखंड    15
उत्तर प्रदेश    8 
ओडिशा    5
बिहार      5
पश्चिम बंगाल    3
उत्तराखंड    2
असम    2
हिमाचल प्रदेश    1

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें