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Hindi News झारखंडED रडार पर दो मंत्री, दर्जनभर विधायक; आलमगीर से जुड़े केस में एक-एक करके सबसे होगी पूछताछ

ED रडार पर दो मंत्री, दर्जनभर विधायक; आलमगीर से जुड़े केस में एक-एक करके सबसे होगी पूछताछ

झारखंड में ईडी अब दो मंत्री और दरप्जनभर विधायकों से पूछताछ करने वाली है। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, बारी-बारी से इन नेताओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। ईडी चार साल के सभी ठेकों की स्कैनिंग कर रही है।

ED रडार पर दो मंत्री, दर्जनभर विधायक; आलमगीर से जुड़े केस में एक-एक करके सबसे होगी पूछताछ
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,रांचीFri, 24 May 2024 09:29 AM
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झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में 3000 करोड़ के प्रोसिड ऑफ क्राइम का खुलासा करने वाली केंद्रीय एजेंसी ईडी की जांच में झारखंड सरकार के दो मंत्री समेत दर्जनभर विधायकों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, बारी-बारी से इन नेताओं का बयान दर्ज किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में हुई कमीशनखोरी में कुछ ऐसे विधायकों का भी नाम आया है, जो पूर्व में अलग-अलग मामलों में ईडी के रडार पर रह चुके हैं। ईडी ने जांच में पाया है कि मंत्री आलमगीर आलम के जरिए इन नेताओं ने ठेकों का आवंटन कराया। इन ठेकों में भी कमीशनखोरी होने का खुलासा एजेंसी की जांच में हुआ है।

इधर, ईडी चार साल में ग्रामीण विकास विभाग के सभी ठेकों की स्कैनिंग कर रही है। कई ठेकों की पैरवी के लिए विधायकों के पत्र और उसके आवंटन की जानकारी व कमीशनखोरी के रिकार्ड मिलने के बाद ईडी ने राज्य सरकार से ग्रामीण विकास व ग्रामीण कार्य विभाग के प्रत्येक ठेकों और इससे भुगतान की जानकारी के लिए पत्र लिखने की बात भी कही है। ईडी ने गुरुवार को भी इस मामले में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम से पूछताछ की। वहीं अबतक इस मामले में एक दर्जन से अधिक इंजीनियरों और ठेकेदारों का बयान दर्ज किया जा चुका है।

इंजीनियर ने जल संसाधन विभाग से तबादला रोकने के लिए दिए पैसे 

ईडी की जांच में इस बात के साक्ष्य मिले हैं कि राज्य में जल संसाधन विभाग के सचिव स्तर के एक अधिकारी ने एक इंजीनियर से तबादला रोकने के लिए दस लाख रुपये घूस लिए थे। इस भुगतान को लेकर हुई चैट को भी ईडी ने हासिल किया है। सचिव स्तर के अधिकारी को इंजीनियर ने ग्रामीण विकास विभाग में एक्सटेंशन पर बने रहने के लिए पैसे दिए थे। ये पैसे जमशेदपुर में रहने वाले एक इंजीनियर से लिए गए थे। ग्रामीण विकास विभाग के ठेकों (टेंडर) में कमीशनखोरी को लेकर सहायक इंजीनियरों की भूमिका सामने आयी है। ग्रामीण विकास विभाग के इंजीनियरों का पैतृक विभाग जल संसाधन व पथ निर्माण ही है।

भ्रष्टाचार पर चुप रही सरकार- पुलिस

ईडी ने झारखंड में भ्रष्टाचार के मामलों पर राज्य सरकार और पुलिस की कार्यशैली को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया है। इसमें कहा है कि चाहे आईएएस पूजा सिंघल की आय से अधिक संपत्ति का मामला हो या साहिबगंज में अवैध खनन या फिर जमीन घोटाले का, राज्य सरकार और झारखंड पुलिस सूचनाएं मिलने के बाद भी कार्रवाई के प्रति निष्क्रिय रहीं। कई बार रिमांइडर भी भेजे गए, पर पीसी एक्ट और भादवि की धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किए गए। ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की भी जानकारी दी गई, पर सरकार की एजेंसी एसीबी ने कार्रवाई नहीं की।