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22 अक्तूबर, 2020|12:40|IST

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अध्ययन: आदिवासियों का धर्म नहीं जाति के आधार पर होगा सर्वे

आदिवासियों का धर्म नहीं जाति के आधार पर होगा सर्वे

आदिवासियों की घटती आबादी का सरकार जाति आधार पर सर्वे कराएगी। यह सर्वे धर्म आधारित नहीं होगा। राज्य में आदिवासियों की घटती आबादी पर पहली बार शोध हो रहा है। शोध के लिए राज्य के सभी पांच प्रमंडलों के जनजातीय बहुल इलाके में अध्ययन किया जा रहा है। राज्य की जनजातीय परामर्शदातृ समिति अध्ययन कर रही है। प्रथम चरण में 26- 30 जून तक दुमका, साहिबगंज और पाकुड़ में इसकी समीक्षा भी समिति कर चुकी है। यहां की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अन्य प्रमंडलों में अध्ययन के लिए सरकार से चार माह का समय मांगा गया है।

शोध के लिए उपायुक्तों को दिए जा रहे फॉर्मेट :

समिति की ओर से सभी जिलों के उपायुक्तों को फॉर्मेट दिया जा रहा है। इसमें किसी भी कॉलम में धर्म का जिक्र नहीं है। फॉर्मेट में पारिवारिक पृष्ठभूमि, स्वास्थ्य, महिलाओं की स्थिति, नशापान, मौसमी-अस्थायी पलायन, सामाजिक कुप्रथा, कौशल-व्यावसायिक प्रशिक्षण, गांव की पृष्ठभूमि, जनजातीय समुदाय से हुए शोषण संबंधित अन्य बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। शोध -अध्ययन के लिए सर्वे का कार्य उपायुक्त के माध्यम से हल्का कर्मचारी, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी सेविका और ग्राम प्रधान को दिया जाएगा। वह सर्वे के बाद फॉर्मेट को भरकर शोध समिति के पास जमा करेंगे। इससे क्षेत्र की स्टीक जानकारी टीएसी उप-समिति को मिल जाएगी और इसी के आधार पर आगे की कार्यवाही पूर्ण हो पाएगी।

चार कारणों से स्थिर नहीं है संताल परगना के आदिवासी: 
अब तक के शोध अध्ययन में पता चला है कि संताल परगना में पलायन, विस्थापन और आर्थिक-सामाजिक कारण से समाज स्थिर नहीं हो पा रहा है। दुमका क्षेत्र में एक गांव ऐसा है कि जहां 70 फीसदी महिलाएं विधवा हैं। जबकि एक गांव में सौ फीसदी विवाहित जोड़े हैं, परंतु बच्चे नहीं हो पा रहे हैं। शोध में पाया गया है कि संताल परगना में बृद्ध कम हैं, क्योंकि अधिकतर लोगों की मौत युवा आवस्था में हो जाती है। साथ ही माइनिंग के कारण भी कई लोग गांव छोड़ रहे हैं। पर्यावरण की भी काफी क्षति हुई है।

प्रथम चरण में संताल परगना क्षेत्र में कार्य हो चुका है। सर्वे का काम धर्म के आधार पर न होकर जातीय आधार पर होगा। अभी काफी कार्य बाकी है।.

रतन तिर्की, सदस्य, ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल, झारखंड सरकार.
 

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  • Web Title:Tribal religion will not be based on caste survey