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तोड़ रहे थे बैंक की तिजोरी, तभी सेंसर ने कर दिया कमाल; ऐसे टली बड़ी चोरी

सेंसर ने कमांड एरिया से ई-सर्विलांस के जरिए अलर्ट भेजा, जिसके बाद सुखदेवनगर थाना में सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस बैंक पहुंची। उस समय तक चोर भाग निकला था।

तोड़ रहे थे बैंक की तिजोरी, तभी सेंसर ने कर दिया कमाल; ऐसे टली बड़ी चोरी
Devesh Mishraहिन्दुस्तान,रांचीSat, 27 Apr 2024 08:16 AM
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रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की रातू रोड शाखा में पिछले दिन चोरी का प्रयास हुआ। संयोग से बैंक के स्ट्रांग रूम में रखी तिजोरी को खोलने के क्रम में मैगनेट और पीआईआर सेंसर हरकत में आ गया और बड़ी चोरी की घटना टल गई।

इस संबंध में महिला अनुभा की लिखित शिकायत पर गुरुवार को सुखदेवनगर थाना में अज्ञात चोर के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है। दर्ज मामले में उन्होंने बताया है कि सीसीटीवी के जरिए पता चला कि 24 अप्रैल की सुबह तीन बजे बैंक की खिड़की में लगे ग्रिल को तोड़कर चोर अंदर प्रवेश कर गया। इसके बाद रेलटेल रूटर से चाबी का गुच्छा हासिल कर लिया और तिजोरी को खोलने का प्रयास किया। इसी समय तिजोरी में लगा सेंसर सक्रिय हो गया।

सेंसर ने कमांड एरिया से ई-सर्विलांस के जरिए अलर्ट भेजा, जिसके बाद सुखदेवनगर थाना में सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस बैंक पहुंची। उस समय तक चोर भाग निकला था। इधर, बैंक प्रबंधन की ओर से टूटे ग्रिल समेत चोर द्वारा क्षतिग्रस्त अन्य सुरक्षा उपकरण को बाद में दुरूस्त किया गया। मामला दर्ज होने के बाद हुलिया के आधार पर पुलिस बैंक में चोरी में नाकाम रहे शातिर चोर की तलाश में जुटी है।

यह भी जानिए: जिम के पर्सनल ट्रेनरों ने कंपनी को 60 लाख का लगाया चूना
लालपुर थाना क्षेत्र के करमटोली में निदान काम्पलेक्स में संचालित स्पार्टन वेलनेस स्टूडियो में बहाल पर्सनल ट्रेनर मो सैफ और उसकी महिला मित्र रिशु गुरुंग ने 60 लाख रुपए की हेराफेरी कर ली। आरोपी मो सैफ हरमू के फारूखी स्ट्रीट का रहने वाला है। इस संबंध में सेंटर की कार्यकारी निदेशक रेणुबाला ने लालपुर थाना में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।

दर्ज मामले में उन्होंने बताया है कि विश्वास में लेकर मो सैफ वर्ष 2016 में पर्सनल ट्रेनर के रूप में प्रतिष्ठान में योगदान किया। कोविड काल में पारिवारिक कारणों से वह जिम के व्यवसाय को देखने में कम समय देने लगी। इसका फायदा दोनों ने उठाया और देखरेख करने लगे। कोविड के बाद जिम के कारोबार का अंकेक्षण कराने पर घाटा दिखने लगा। छानबीन में पता चला कि वहां ग्राहक पहले से ज्यादा संख्या में आ रहे हैं, इसके बावजूद आमदनी कम होते जा रही है।

छानबीन में पता चला कि दोनों वहां आने वाले ग्राहकों से फीस एवं सदस्यता शुल्क को या तो नगद लेते थे या फिर अपने खाता में मंगाते थे। इसके बाद दोनों ने काम छोड़ दिया और अब न तो रुपया का हिसाब दे रहे हैं और धमकी भी दे रहे हैं। इधर मामला दर्ज किए जाने के बाद पुलिस गहराई से छानबीन में जुट गई है।