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25 नवंबर, 2020|7:46|IST

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झारखंड के आदिवासी शासकों के कार्यकाल और स्थानीय शासन व्यवस्था पर होगा शोध

झारखंड के जनजातीय शासकों -राजाओं के शासनकाल और उनके कार्यकाल पर शोध किया जाएगा। शोध से  यह पता लगाया जाएगा कि शासकों की स्थानीय शासन की व्यवस्था क्या थी। पड़हा राजा जैसी शासन व्यवस्था शुरू करने की मंशा क्या थी और इसमें शासकों की भूमिका कैसी थी।   

झारखंड सरकार ने डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान को यह दायित्व दिया है। जिन पर शोध किया जाएगा, उनमें जंगल महल के भूमिज, रामगढ़ के खेरवार, हजारीबाग के संथाल, रांची के नागवंशी, पलामू के चेरो और बुंडू का मुंडा साम्राज्य शामिल है। जनजातीय शोध संस्थान यह काम चयनित विश्वविद्यालयों, मान्यता प्राप्त एजेंसियों के अनुभवी-विशेषज्ञों के माध्यम से कराएगा। नवंबर में इसके लिए निविदा निकलेगी ।इसके बाद चयनित संस्थाओं की सूची  जारी की जाएगी। नौ माह में शोध पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।  

शोध से यह पता लगाया जाएगा कि अलग झारखंड राज्य की परिकल्पना उस समय की गयी थी या नहीं। झारखंड पर इन साम्राज्यों में क्या विचार थे। पड़हा राजा जैसी स्थानीय शासन व्यवस्था लागू करने  में उस समय के शासकों की  भूमिका क्य थी।   जनजातीय शासकों के शासन की वास्तविक अवधि क्या थी।

झारखंड में पूर्व औपनिवेशिक काल के इतिहास के पुर्ननिर्माण के लिए गहन-विस्तृत शोध की  जरूरत महसूस की गई है। छोटे-छोटे राजवंश शासकों द्वारा झारखंड के  निर्माण में भी महत्वपूर्ण छाप छोड़ने के  प्रमाण मिले हैं। इन शासक वर्ग का समृद्ध  इतिहास रहा है, लेकिन इसका अभी तक दस्तावेजीकरण नहीं हो सका है।   इसलिए शोध अध्ययन में इन राजवंशों का राजनीतिक संरचना, राजसत्ता का ताना-बाना, राजवंश में रिश्तेदारी-संबंध का पता लगाया जाएगा। आदिवासी समाज में प्राकृतिक संसाधनों पर सामूहिक स्वामित्व कभी नया नही रहा है। इसलिए जनजातीय राजवंश में इन प्रकृतिक संसाधनों के स्वामित्व को लेकर व्यवस्थाओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा। मुंडा, उरांव, संथाल, चेरो, खेरवार, पहाड़ियां जैसी जनजातियों में पूर्व औपनिवेशिक काल में उत्कृष्ट भूमि संबंधी निपटारे का मौखिक इतिहास के भी प्रमाण मिलते है। इन बिंदुओं को संकलित किया जाएगा। झारखंड के निर्माण में गैर आदिवासी राजनीति के शामिल होने की बात सामने आती है। शोध के माध्यम से  आदिवासी राजनीति, सामाजिक रूप से इस आंदोलन में कहां और कब शामिल हुए इसका अध्ययन भी किया जाएगा।

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  • Web Title:There will be research on the tenure and local governance of the tribal rulers of Jharkhand