Terror funding: Raiding of NIA in Ranchi four raid raided - टेरर फंडिंग: रांची सहित कई शहरों में एनआईए की सुबह चार बचे से ताबड़तोड़ छापेमारी DA Image

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टेरर फंडिंग: रांची सहित कई शहरों में एनआईए की सुबह चार बचे से ताबड़तोड़ छापेमारी

 

उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के टेरर फंडिग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को रांची, गुमला, खूंटी और कोलकाता में दस ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी में पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के निवेश से संबंधित डायरी व अन्य सुराग मिले हैं। एनआईए अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने पीएलएफआई सुप्रीमो से जुड़ी कंपनियों और उसके करीबियों के यहां छापेमारी की। इसमें झारखंड और पश्चिम बंगाल पुलिस की भी मदद ली गई है।  एनआईए  टीम सुबह चार बजे ही डोरंडा के कुम्हारटोली स्थित विक्की अंसारी, अशोक नगर में सुधांशु सिंह और अशोक विहार के दो आवास - डी 15 और डी 50 में दबिश दी। 

बताया जाता है कि पीएलएफआई सुप्रीमो व उससे जुड़े कैडरों ने कई कंपनियों में लेवी के पैसों का निवेश किया है। निवेश संबंधी कागजात, निवेश से जुड़ी डायरी भी एनआईए ने बरामद की है। एनआईए ने कई फर्जी पैन कार्ड व कागजात भी बरामद किए हैं। छापेमारी के दौरान 3.41 लाख नकदी, फिक्सड डिपोजिट व बैंक खाते की डिटेल मिली हैं। बैंक खातों की जांच में एनआईए ने यह पाया है कि लेवी के पैसे को पीएलएफआई ने कई शेल कंपनियों में लगाया है। छापेमारी के दौरान 40 मोबाइल फोन भी एनआईए ने जब्त किए हैं। 
क्या है मामला
नोटबंदी के दौरान पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप ने बेड़ो के एक बैंक में 25 लाख रूपये जमा कराने के लिए पेट्रोलपंप मालिक चंद्रशेखर कुमार को पैसे भिजवाए थे। यह पैसे कामडारा के ठेकेदार यमुना प्रसाद के जरिए भेजे गए थे। बाद में रांची पुलिस से इस मामले की जांच एनआईए ने ले ली थी। इस मामले में एनआईए विनोद कुमार, यमुना प्रसाद, चंद्रशेखर कुमार, नंदकिशोर, मोहन कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके खिलाफ चार्जशीट भी हो चुका है, वहीं पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप फरार है। 

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  • Web Title:Terror funding: Raiding of NIA in Ranchi four raid raided