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27 मार्च, 2020|11:36|IST

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राज्य के निमोनिया और सांस के रोगियों की होगी कोरोना की जांच

corona testing

कोरोना के संक्रमण का फैलाव रोकने को लेकर राज्य भर के निमोनिया और सांस के मरीजों के कोरोना की जांच की जाएगी। भारत सरकार द्वारा दिए गए गाइड लाइन के आलोक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने सभी सिविल सर्जन को ऐसे मरीजों की पहचान कर कोरोना की जांच कराने का निर्देश दिया है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर जेनरल प्रो डॉ बलराम भार्गव ने इस बाबत राज्य सरकार को निर्देश दिया था। जिसके आलोक में यह निर्णय लिया गया है।
प्रधान सचिव डॉ कुलकर्णी ने इस बाबत सभी सिविल सर्जनों को कहा है कि राज्य के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में निमोनिया/सांस की बीमारी (कफ, बुखार सांस लेने में दिक्कत) के जो भी गंभीर मरीज भर्ती हैं, उनकी पहचान कर कोरोना की जांच कराई जाए। रांची सिविल सर्जन डॉ विजय बिहारी प्रसाद ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार अस्पताल प्रबंधनों को ऐसे मरीजों की पहचान कर जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। ऐसे मरीज जिस अस्पताल में भर्ती हैं उसकी जांच कराने की जिम्मेवारी अस्पताल प्रबंधन को ही दी गई है। कोरोना की जांच एमजीएम, जमशेदपुर एवं रिम्स रांची के लेबोरेटरी में कराई जाएगी।
एक दिन में 180 मरीजों की हो सकती है जांच
राज्य में फिलहाल रिम्स, रांची और एमजीएम, जमशेदपुर में कोरोना की जांच की सुविधा उपलब्ध है। एक सेंटर पर एक दिन में 90 सैंपल की जांच की जा सकती है। यानी दोनों मेडिकल कॉलेजों में एक दिन में कुल इसके लिए आइडीएसपी के 180 सैंपल की जांच की जा सकती है। प्रधान सचिव ने बताया कि सैंपल कलेक्शन की सुविधा जहां राज्य के सभी जिलों में उपलब्ध करा दी गई है। वहीं जांच के लिए दोनों मेडिकल कॉलेजों में किट भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। रिम्स और एमजीएम में आईडीएसपी के द्वारा 500-500 जांच किट उपलब्ध कराए गए थे। जिसमें अभी तक बमुश्किल 60 जांच किट उपयोग किया गया है। 440 किट बचा हुआ है। इसके साथ ही जांच किट की कोई दिक्कत न हो इसके लिए रिम्स में लोकल परचेज की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

 

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  • Web Title:State pneumonia and respiratory patients will be tested for corona