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हिंदी न्यूज़ झारखंडजेल भेजे गए प्रशांत बोस समेत छह माओवादी, पीएम की हत्या की साजिश रचने में भी भूमिका

जेल भेजे गए प्रशांत बोस समेत छह माओवादी, पीएम की हत्या की साजिश रचने में भी भूमिका

मुख्य संवाददाता, रांचीShivendra Singh
Sun, 14 Nov 2021 08:04 PM
जेल भेजे गए प्रशांत बोस समेत छह माओवादी, पीएम की हत्या की साजिश रचने में भी भूमिका

भाकपा माओवादियों के सेकेंड इन कमान प्रशांत बोस, सीसी मेंबर व प्रशांत की पत्नी शीला मरांडी समेत छह माओवादियों को रविवार को जेल भेज दिया गया। सरायकेला के कांड्रा थाना में एक करोड़ के ईनामी प्रशांत बोस, शीला मरांडी, खुरखुरा गिरिडीह के वीरेंद्र हांसदा, राजू टूडू, गोइलकेरा के कृष्णा बाहंदा और गुरूचरण बोहरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सरायकेला जेल भेज दिया गया। माओवादियों के शीर्ष नेता की गिरफ्तारी के बाद रविवार को डीजीपी नीरज सिन्हा ने मीडिया को प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी।

डीजीपी नीरज सिन्हा ने बताया कि प्रशांत बोस ने पूछताछ में माओवादी संगठन के बारे में महासागर जैसी सूचनाएं दी हैं। इन सूचनाओं को एनलाइज किया जा रहा है। डीजीपी ने बताया कि प्रशांत बोस भाकपा माओवादी संगठन के जनक की भूमिका में था। पांच दशकों की सक्रियता के कारण बोस पर झारखंड, बिहार, उड़िसा, महाराष्ट्र, छतीसगढ़ समेत कई राज्यों में केस है। बतौर सेकेंड इन कमान देश के सारे बड़े कांडों को प्रशांत बोस ने मंजूरी दी है। प्रशांत बोस के खिलाफ झारखंड में 50 जबकि शीला मरांडी के खिलाफ 18 नक्सल कांड दर्ज हैं। डीजीपी ने बताया कि बिहार, छतीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में प्रशांत बोस के खिलाफ दर्ज केस की जानकारी जुटायी जा रही है।

प्रधानमंत्री हत्या की रची थी साजिश, छतीसगढ़ में 30 कांग्रेसी नेताओं की हत्या में भूमिका
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूणे के भीमा कोरेगांव हिंसा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने में प्रशांत बोस की भूमिका थी। एनआईए की चार्जशीट में भी बोस का नाम सामने आया था। जानकारी के मुताबिक, इस केस में एनआईए प्रशांत बोस को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। वहीं, छतीसगढ़ में साल 2013 में बस्तर प्रभाग के झीरम घाटी में सलवा जुड़म के खिलाफ विद्याचरण शुक्ल, नंदकिशोर पटेल, दिनेश पटेल, महेंद्र करमा 30 कांग्रेसी नेताओं की हत्या की वारदात को अंजाम देने की मंजूरी प्रशांत बोस ने दी थी। इस केस की जांच भी एनआईए के जिम्मे है। 

गिरफ्तारी के बाद पुलिस को किया गुमराह
प्रेस कांफ्रेस में आईजी अभियान अमोल वी होमकर ने बताया कि 12 नवंबर को बड़े माओवादियों के झारखंड पुलिस और खुफिया एजेंसियों को पारसनाथ पहाड़ से सारंड जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद सीआरपीएफ के साथ साथ रांची, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, सरायकेला, जमशेदपुर, चाईबासा समेत कई जिलों की पुलिस को अलर्ट किया गया था। पुलिस ने गिद्दीबेड़ा टोल प्लाजा के पास से स्कार्पियो गाड़ी से प्रशांत बोस, शीला मरांडी समेत छह लोगों को पकड़ा। पकड़े जाने के बाद सभी को रांची लाया गया। लेकिन शुरूआती पूछताछ में प्रशांत बोस ने अपना व अपने सहयोगियों का नाम गलत बताया। वहीं स्कार्पियो के बारे में भी गलत जानकारी दी। लेकिन 13 नवंबर को पूछताछ में प्रशांत बोस ने अपनी असल पहचान बतायी। साथ ही संगठन के बारे में कई जानकारियां दी।

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