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सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूर के घर की दुर्दशा दिखाना पड़ा भारी, पत्रकार और यूट्यूबर पर केस दर्ज

झारखंड के खूंटी जिले में एक स्थानीय पत्रकार और एक व्लॉगर के खिलाफ कथित तौर पर सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। आइये जानते हैं दोनों पर पुलिस ने क्या आरोप लगाए हैं...

सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूर के घर की दुर्दशा दिखाना पड़ा भारी, पत्रकार और यूट्यूबर पर केस दर्ज
Mohammad Azamपीटीआई,खूंटीSat, 02 Dec 2023 05:16 PM
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मंगलवार को उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी मजदूर अपने-अपने घरप पहुंच गए हैं। लेकिन एक पत्रकार और एक यूट्यूबर पर मजदूरों के घर की दुर्दशा दिखाने के बाद केस दर्ज किया गया है। झारखंड के खूंटी जिले में एक स्थानीय पत्रकार और एक व्लॉगर के खिलाफ कथित तौर पर सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने उत्तराखंड में सिलक्यारा सुरंग में फंसे एक श्रमिक के परिवार की दुर्दशा को रिकॉर्ड किया था।

इस मामले पर बातचीत करते हुए तोरपा के उपमंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि खंड विकास अधिकारी स्मिता नागेसिया और क्षेत्राधिकारी वंदना भारती की शिकायत के आधार पर पत्रकार सोनू अंसारी तथा यूट्यूबर गुंजन कुमार के खिलाफ कर्रा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले पर एसडीपीओ ने कहा कि उन्होंने कथित तौर पर सरकारी काम में व्यवधान पैदा किया और अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया।

पत्रकार और युट्यूबर पर पुलिस के पास 30 नवंबर को दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि जब दोनों अधिकारी मजदूरों के घर गए तो दोनों लोग वहां पहले से ही मौजूद थे। शिकायत के अनुसार, उन्होंने सच जाने बिना ही रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। जब उन्हें सच्चाई जानने के लिए कहा गया तो दोनों ने हमारे काम में बाधा डाली और दुर्व्यवहार किया। तिवारी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दण्ड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के तहत दोनों को नोटिस जारी किया जाएगा और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले पर अपनी बात रखते हुए पत्रकार, यूट्यूबर सोनू अंसारी और गुंजर कुमार ने दावा किया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट के माध्यम से मजदूर विजय होरो के परिवार की स्थिति को उजागर किया था। उन्होंने दावा किया है कि प्रशासन ने 12 नवंबर को सुरंग ढहने के दो सप्ताह बाद प्रशासन ने गरीब परिवार को राशन उपलब्ध कराया।

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