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11 अप्रैल, 2020|1:10|IST

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पत्थलगड़ी का विरोध करने पर सात लोगों का अपहरण, हत्या की आशंका

झारखंड में पत्थलगड़ी का विरोध करने पर पश्चिम सिंहभूम जिले के गुदड़ी थाना क्षेत्र में गुलीकेरा पंचायत के बुरुगुलीकेरा गांव के उपमुखिया समेत सात ग्रामीणों का अपहरण कर लिया गया। इन सभी की हत्या कर दिए जाने अशंका जताई जा रही है। मृतकों के शव गांव के पास में ही जंगल में फेंके जाने की सूचना है। घटनास्थल जमशेदपुर से करीब 155 किलोमीटर और चक्रधरपुर से 70 किमी तथा सोनुवा से 35 किमी सुदूर जंगल में है। यह इलाका घोर नक्सलग्रसत होने के कारण पुलिस मंगलवर रात तक घटनास्थल पर नहीं पहुंची थी।

मिली जानकारी के मुताबिक पत्थलगड़ी समर्थक रविवार को बुरुगुलीकेरा गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर रहे थे। वे ग्रामीणों से वोटर कार्ड, आधार कार्ड आदि जमा करने को कह रहे थे। इस दौरान उपमुखिया जेम्स बूढ़ सहित अन्य लोगों ने यह कहकर विरोध किया कि अगर वोटर कार्ड, आधार कार्ड आदि जमा कर देंगे तो बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत होगी। इससे नाराज पत्थलगड़ी समर्थक उपमुखिया जेम्स बूढ़, लुपा बुढ़ और अन्य पांच लोगों के साथ मारपीट करने लगे। इनके परिजन मारपीट के डर से वहां से भाग गए।

इसके बाद पत्थलगड़ी समर्थक उपमुखिया जेम्स बूढ़ और अन्य छह लोगों को उठाकर जंगल की ओर ले गए। रविवार देर रात तक उनके घर वापस नहीं लौटने पर सोमवार को उपमुखिया जेम्स बूढ़ और अन्य छह लोगों के परिजन गुदड़ी थाना पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मामले की छानबीन में लगी रही। मंगलवार दोपहर को पुलिस को उपमुखिया जेम्स बूढ़ और अन्य छह लोगों की हत्या कर उनके शव जंगल में फेंके जाने की सूचना मिली। हालांकि पुलिस शव मिलने तक आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने से कतरा रही है।

पुलिस ने शुरू किया सर्च अभियान

घटना की सूचना मिलने के बाद आईजी कुलदीप द्विवेदी, एसपी इंद्रजीत महथा, एसपी अभियान प्रणय आनंद, पोड़ाहाट एसडीपीओ नाथू सिंह मीणा सहित कई अधिकारी गुदड़ी पहुंच गए हैं। वे सभी मामले की जांच पड़ताल करने के साथ-साथ जंगल से शव लाने की रणनीति बनाने में जुटे हैं। चूंकि पूरा इलाका नक्सलग्रस्त है, इसलिए पुलिस सुरक्षा के मद्देनजर फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। हालांकि, पुलिस ने बुरुगुलीकेरा गांव के आसपास सर्च अभियान शुरू कर दिया है।

नक्सलियों पर भी संदेह

पत्थलगड़ी समर्थकों पर नक्सलियों का समर्थन मिलने की बात सामने आ चुकी है। यही बजह है कि पुलिस इस घटना के पीछे नक्सलियों का हाथ होने से इनकार नहीं कर रही है।

पुलिस को रोकने की योजना बना रहे पत्थलगड़ी समर्थक

इधर सूचना है कि  पुलिस द्वारा शव बरामदगी के लिए अभियान शुरू करने के बाद पत्थलगड़ी समर्थक लगातार बैठक कर रहे हैं, ताकि पुलिस अगर गांव में घूसे तो उन्हें रोका जा सके। यही बजह है कि पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचने के साथ अतिरिक्त फोर्स भी मंगा रहे हैं।

कई बार बैठक कर चुके हैं पत्थलगड़ी समर्थक

पत्थलगड़ी समर्थक सोनुवा और गुदड़ी थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती कई गांवों जोनो,गुलीकेरा, बुरुगुलीकेरा, डाउसकोरा में पिछले लंबे समय से अपनन पांव जमाने में जुटे है। पत्थलगड़ी समर्थक कई बार इस इलाके में बैठक भी कर चुके हैं। इसमें खूंटी आदि इलाकों से पत्थलगड़ी समर्थक बड़े नेता शामिल हुए थे।

वर्ष 2013 में की गई थी छह लोगों की हत्या

पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना क्षेत्र के मनमारु गांव में 12 मार्च 2013 को नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर छह ग्रामीणों की हत्या कर दी थी। इसके बाद शव बरामद करने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को दो दिनों तक नक्सलियों के साथ मुठभेड़ करना पड़ा।

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  • Web Title:Seven people kidnapped feared murdered over protesting Pathalgadi in jharkhand