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Hindi News झारखंडझंडा ढोने नहीं गया था; भाजपा से बगावत करने वाले सीनियर नेता ने 31 दिन में ही क्यों छोड़ी कांग्रेस

झंडा ढोने नहीं गया था; भाजपा से बगावत करने वाले सीनियर नेता ने 31 दिन में ही क्यों छोड़ी कांग्रेस

रामटहल चौधरी ने कहा कहा कि जिस वक्त कांग्रेस में शामिल हुआ था, उस समय कहा गया था कि उन्हें ही टिकट दिया जाएगा। कांग्रेस ने दिल्ली बुलाकर चुनावी समीकरण पर चर्चा भी की थी।

झंडा ढोने नहीं गया था; भाजपा से बगावत करने वाले सीनियर नेता ने 31 दिन में ही क्यों छोड़ी कांग्रेस
Devesh Mishraहिन्दुस्तान,रांचीSun, 28 Apr 2024 07:37 AM
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रांची लोकसभा सीट से पांच बार सांसद रह चुके रामटहल चौधरी ने 31 दिन बाद ही कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। शनिवार को रांची प्रेस क्लब में उन्होंने मीडिया के सामने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। कहा कि 28 मार्च को दिल्ली में मीडिया के सामने ही कांग्रेस में शामिल हुआ था, लेकिन उनके साथ वादाखिलाफी हुई। रांची से टिकट नहीं मिलने पर वे नाराज दिखे। दरअसल, भाजपा से बगावत कर रामटहल कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने तब भाजपा पर तानाशाही करने का आरोप लगाया था।

टिकट नहीं मिलने पर छोड़ दी पार्टी
रामटहल चौधरी ने कहा कहा कि जिस वक्त कांग्रेस में शामिल हुआ था, उस समय कहा गया था कि उन्हें ही टिकट दिया जाएगा। कांग्रेस ने दिल्ली बुलाकर चुनावी समीकरण पर चर्चा भी की थी। इसके बाद टिकट देने का आश्वासन दिया था। कहा गया था कि जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी, लेकिन मेरी भागीदारी का मोल नहीं रखा गया। जनसेवा के लिए आए थे, झंडा ढोने के लिए नहीं। मेरे साथ वादाखिलाफी की गई।

कांग्रेस में जनसेवा के लिए आए थे, झंडा ढोने के लिए नहीं
रामटहल चौधरी ने कहा कि 'मैं कांग्रेस में जनसेवा के लिए आया थे, झंडा ढोने के लिए नहीं। मैं मान-सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता।' बता दें कि वे 28 मार्च को कांग्रेस में शामिल हुए थे।

कांग्रेस ने किया दिया टिकट?
रांची लोकसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय की बेटी यशस्विनी सहाय को टिकट दिया है। इस बात को लेकर रामटहल चौधरी कांग्रेस से नाराज चल रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं मान-सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने स्थिति स्पष्ट नहीं की। कहा कि वे कार्यकर्ताओं से विमर्श के बाद इस बारे में कोई फैसला लेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी पार्टी के साथ जुड़ेंगे तो चुनाव निश्चित लड़ेंगे।

कार्यकर्ताओं से विचार के बाद में तय होगी रणनीति
भाजपा में दोबारा शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल पर रामटहल चौधरी ने कहा कि इसपर अपने कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता और समर्थकों के साथ बैठक के बाद आगे की रणनीति तय होगी। उन्होंने कांग्रेस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जो जननेता हैं, उन्हें टिकट नहीं दिए जाने के कारण भी लोग वोटिंग में रुचि नहीं ले रहे हैं, यह भी एक कारण है कि वोट प्रतिशत कम हुए हैं।