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झारखंड के कैशकांड में नया खुलासा, संजीव के साथ अब उसकी पत्नी भी फंसी

Jharkhand Cash Case: ठेकों में कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ चार दिनों से चल रही कार्रवाई में नया खुलासा हुआ है। ईडी ने जांच में पाया है कि संजीव पत्नी के नाम पर कंपनियां बनाकर ठेके लेता था।

झारखंड के कैशकांड में नया खुलासा, संजीव के साथ अब उसकी पत्नी भी फंसी
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,रांचीFri, 10 May 2024 11:28 AM
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ठेकों में कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ चार दिनों से चल रही कार्रवाई में नया खुलासा हुआ है। ईडी ने जांच में पाया है कि ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल ने अपनी पत्नी रीता लाल के नाम पर कई कंपनियां बनायी थीं। इन कंपनियों के नाम पर ठेके-पट्टे लिए जाते थे। कुछ कंपनियां कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में काम भी करती हैं। रीता लाल की कंपनियों के जरिए भी मनी लाउंड्रिंग के साक्ष्य मिले हैं।

जांच एजेंसी को यह भी पता चला है कि रीता लाल के साथ इन कंपनियों में ठेकेदार मुन्ना सिंह भी निदेशक हैं। मुन्ना सिंह के यहां से भी ईडी ने छापेमारी के दौरान 6 मई को 2.93 करोड़ रुपये बरामद किए थे। रीता लाल की कंपनियों के जरिए मनी लाउंड्रिंग से जुड़े पहलुओं पर ईडी ने गुरुवार को पूछताछ की। ईडी सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में ठेकेदार मुन्ना सिंह और राजीव सिंह से पूछताछ की जाएगी। राजीव सिंह के यहां से भी ईडी ने 7 मई को 2.14 करोड़ बरामद किए थे।

अनुसंधान के क्रम में ईडी को यह पता चला था कि मुन्ना और राजीव के यहां से बरामद राशि भी संजीव लाल को दी जानी थी। अब तक कुल 37.29 करोड़ रुपये की बरामदगी हो चुकी है।

पीएस की पत्नी से पूछताछ
समन पर गुरुवार को मंत्री के पीएस संजीव लाल की पत्नी रीता लाल गुरुवार को ईडी ऑफिस पहुंचीं। यहां ईडी टीम ने उनके पति व नौकर जहांगीर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। टीम ने रीला लाल से जहां उनके नाम पर चल रही कंपनियों और मनी लाउंड्रिंग से जुड़े कई सवाल किए, वहीं नौकर जहांगीर से अपने फ्लैट में बड़ी रकम इकट्ठा करने के स्रोतों के बारे में पूछताछ की। जहांगीर आलम ने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि मंत्री के ओएसडी संजीव लाल के कहने पर ही वह गाड़ीखाना स्थित सर सैयद रेसीडेंसी स्थित फ्लैट में पैसे रखता था।

हालांकि, जहांगीर ने पैसों के स्रोत को लेकर अधिक जानकारी नहीं दी है। ईडी ने बुधवार को संजीव लाल द्वारा बीते कुछ माह पूर्व नए फ्लैट की खरीद में भुगतान, बेहिसाब खर्च के बारे में पूछताछ की। उल्लेखनीय है कि संजीव और जहांगीर जहां ईडी की रिमांड पर हैं, वहीं मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए रीता लाल को समन कर गुरुवार को ईडी ने अपने जोनल ऑफिस बुलाया। रीता लाल दोपहर 11 बजे ईडी ऑफिस पहुंचीं, जहां तीनों को आमने-सामने बैठाकर कई घंटे पूछताछ की। बता दें कि टेंडर से मिली कमीशन राशि की मनी लाउंड्रिंग करने के आरोप में जेल में बंद ग्रामीण विकास विभाग के निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम से जुड़े मामले में ईडी सोमवार से कार्रवाई कर रही है।