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झारखंड: स्ट्रॉबेरी की खेती कर अपने क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बने रोबेट बेसरा, बढ़ गई आय

अपनी आमदनी बढ़ाने लिए उन्होंने अपनी जमीन पर सिंचाई कूप बनवाया और वाहन चलाने का काम छोड़कर पूरी तरह खेती करने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने करीब एक बीघा जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की।

झारखंड: स्ट्रॉबेरी की खेती कर अपने क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बने रोबेट बेसरा, बढ़ गई आय
Devesh Mishraकुंदन गोस्वामी,पाकुड़Sat, 24 Feb 2024 11:12 PM
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झारखंड के पाकुड़ जिले के बरमसिया निवासी रोबेट बेसरा आज अपने क्षेत्र के किसानों के लिए एक मिसाल के रूप में उभरे हैं। इनके पास खेती करने के लिए जमीन तो थी पर इसमें में वे केवल बारिश के समय ही खेती कर पाते थे। जिस साल बारिश नहीं हुई तो फसल अच्छी नहीं होती थी। आमदनी के लिए खेती के साथ स्थानीय स्तर पर वे ड्राइव का काम भी करते थे। इन सब के बावजूद उन्हें परिवार चलाने में आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता था।

अपनी आमदनी बढ़ाने लिए उन्होंने अपनी जमीन पर सिंचाई कूप बनवाया और वाहन चलाने का काम छोड़कर पूरी तरह खेती करने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने करीब एक बीघा जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की। इसके साथ ही कुछ जमीन में सब्जियां भी लगाईं। स्ट्रॉबेरी की खेती से जो सफलता मिली उससे उनका उत्साह दोगुना हो गया है। शुरुआती उपज में अभी तक वे 600 रुपए प्रति किलो की दर से 30 किलो स्ट्रॉबेरी बेच चुके हैं। अब वे और अधिक जमीन में स्ट्रॉबेरी की करने के बारे में सोच रहे हैं। सब्जियों की खेती से भी उन्हें सालाना एक लाख पचास हजार रुपए की आय होने लगी है।

रोबेट बेसरा ने बताया की उनकी स्ट्रॉबेरी खेती को देखकर आसपास के ग्रामीण भी प्रभावित हुए हैं तथा वे लोग भी स्ट्रॉबेरी की खेती करने की विधि की जानकारी ले रहे हैं। रोबेट अगले साल से अपनी अधिकतर जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती कर अधिक से अधिक लाभ कमाना चाहते हैं। इस वर्ष उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती कर सालाना आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वे और दो बीघा जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं। 

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