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हिंदी न्यूज़ झारखंडराज्यपाल रमेश बैस का निर्देश, कोर्ट फीस कानून पर दोबारा विचार करे सरकार; हाईकोर्ट में भी याचिका दायर

राज्यपाल रमेश बैस का निर्देश, कोर्ट फीस कानून पर दोबारा विचार करे सरकार; हाईकोर्ट में भी याचिका दायर

झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने सरकार को कोर्ट फीस कानून के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया है।

राज्यपाल रमेश बैस का निर्देश, कोर्ट फीस कानून पर दोबारा विचार करे सरकार; हाईकोर्ट में भी याचिका दायर
Sneha Baluniहिन्दुस्तान ब्यूरो,रांचीThu, 29 Sep 2022 06:17 AM

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राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य सरकार को कोर्ट फीस (झारखंड संशोधन) कानून-2021 के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। राज्य के जनजातीय समुदाय के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए राज्यपाल ने यह निर्देश दिया है। यह विधेयक 22 दिसंबर, 2021 को झारखंड विधानसभा से पारित हुआ था। 11 फरवरी 2022 को राज्यपाल ने इस पर सहमति दी थी। इसके बाद राज्यपाल को कानून के प्रावधानों में वर्णित कोर्ट फीस वृद्धि के खिलाफ बहुत सारे अभ्यावेदन व ज्ञापन प्राप्त हुए।

राज्यपाल को इस साल 25 जुलाई को झारखंड राज्य बार काउंसिल से भी एक ज्ञापन मिला। इसमें राज्यपाल से आग्रह किया गया है वे राज्य सरकार से कोर्ट फीस में हुई वृद्धि को वापस लेने और इसे विधि-सम्मत उचित तरीके से तय करने के लिए निर्देशित करें। काउंसिल का कहना था कि कोर्ट फीस बढ़ने से समाज के गरीब तबके के लोग कोर्ट नहीं आ पाएंगे। इसके साथ ही राज्य के वकीलों को भी इसका नुकसान होगा। राज्यपाल ने इस मामले पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए राज्य सरकार को इस कानून पर पुनर्विचार करने का निर्देशित करने का निर्णय लिया।

हाईकोर्ट में भी दायर की गई है याचिका

कोर्ट फीस वृद्धि के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गयी है, जिसकी सुनवाई चल रही है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट फीस बढ़ाए जाने का विरोध किया है और इसे जनहित में वापस लेने के लिए यथोचित आदेश देने का आग्रह किया है। मंगलवार को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दायर कर बताया है कि कोर्ट फीस बढ़ोतरी के मामले की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।

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