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Hindi News झारखंडझारखंड में बारिश का अलर्ट, 40 KM की स्पीड से चलेंगी हवाएं; IMD ने बताया मौसम का ताजा हाल

झारखंड में बारिश का अलर्ट, 40 KM की स्पीड से चलेंगी हवाएं; IMD ने बताया मौसम का ताजा हाल

झारखंड के कुछ जिलों में गर्मी और उमस का प्रकोप जारी रहा। सोमवार को सबसे अधिक तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम तापमान 24.8 डिग्री रांची में दर्ज किया गया।

झारखंड में बारिश का अलर्ट, 40 KM की स्पीड से चलेंगी हवाएं; IMD ने बताया मौसम का ताजा हाल
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Devesh Mishraहिन्दुस्तान,रांचीTue, 25 Jun 2024 10:27 AM
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रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में मंगलवार से मॉनसून का असर तेज होगा। मौसम विभाग ने 25 से 28 जून तक के लिए तेज हवा, वज्रपात के साथ हल्के या मध्यम दर्जे की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

झारखंड में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान झारखंड में हवा की रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटा रहने के आसार हैं। रांची में बादल छाए रहेंगे और हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती हैं। इधर, पिछले 24 घंटों के अंतराल में सबसे अधिक बारिश 45.2 मिमी प. सिंहभूम में दर्ज की गई।

उमस का प्रकोप जारी
वहीं कुछ जिलों में गर्मी और उमस का प्रकोप जारी रहा। सोमवार को सबसे अधिक तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम तापमान 24.8 डिग्री रांची में दर्ज किया गया।

यह भी जानिए: बारिश नहीं होने से किसानों में निराशा
महागामा प्रखंड क्षेत्र में समय पर बारिश ना हो पाने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। किसान बहुत ही निराश होकर आस लगा रहे कि बारिश कब होगी। लगातार कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी पड़ रही है।

किसानों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक है। जहां पहली बारिश होती तो उन्हें राहत मिलती और कृषि कार्य के लिए आशा जग जाती। वहीं अब बारिश के न होने से उनके मन में असमंजस और चिंता बढ़ गई है। खेतों की जुताई और बुआई के लिए मॉनसून की नियमित बारिश अत्यंत आवश्यक होती है। अगर बारिश समय पर नहीं हुई तो फसल की बुआई में देरी हो सकती है। जिससे उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वहीं किसानों ने बताया कि आसपास क्षेत्र में बारिश नहीं होने की वजह से किसान परेशान हैं। उन्होंने मांग की है कि जिला प्रशासन, सांसद एवं विधायक ध्यान दें कि नहर का पानी अगर किसानों के खेतों तक पहुंचा दिया जाए तो कम से कम धान का पौधा रोपनी के लिए तैयार किया जा सके।