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21 सितम्बर, 2020|6:21|IST

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कोरोना मरीजों से अब निजी अस्पताल नहीं कर पाएंगे मनमाना वसूली, जानें कितना देना होगा

राज्य के निजी अस्पतालों में कोरोना से संक्रमित मरीजों के उपचार की दर स्वास्थ्य विभाग ने तैयार कर ली है। विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव पर स्वास्थ्य मंत्री का अनुमोदन मिलने के साथ ही इसे लागू कर दिया जाएगा। 

सूत्रों के अनुसार अब राज्य के प्राधिकृत बड़े शहरों के बड़े अस्पताल भी कोरोना मरीजों से एक दिन में लगभग 18000 से ज्यादा की वसूली नहीं कर पाएंगे। इन अस्पतालों को नेशनल एक्रेडिएशन बोर्ड फॉर हास्पिटल्स एंड हेल्थ केयर से मान्यता प्राप्त (एनएबीएच एक्रेडिएटेड) होना चाहिए। वहीं छोटे शहरों के नॉन एनएबीएच एक्रेडिएटेड हॉस्पिटलों में एक दिन का अधिकतम रेट 9000 हो सकता है। 

सूत्रों के अनुसार सरकार ने निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों से हो रही मनमाना वसूली पर लगाम लगाने के लिए कई प्रावधान किए जा सकते हैं। हालांकि, अभी प्रस्ताव पर अभी स्वास्थ्य मंत्री का अनुमोदन नहीं मिला है।  मंत्री के स्तर से इन दरों में थोड़ा बहुत सुधार भी किया जा सकता है। 

तीन श्रेणी में बंटेंगे शहर : इसके तहत राज्य के शहरों को तीन श्रेणियों (ए, बी, सी)में बांटा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव में अस्पतालों को भी दो श्रेणी (एनएबीएच एक्रेडिएटेड और नॉन एनएबीएच एक्रेडिएटेड) में बांटा गया है। वहीं मरीज को भी तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है। मरीजों की पहली श्रेणी में सामान्य रूप से बीमार (आयसोलेशन बेड), दूसरी श्रेणी में गंभीर (आईसीयू सुविधा बिना वेंटिलेटर) और तीसरी श्रेणी में अति गंभीर मरीज जिन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर केयर की जरूरत है। 

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  • Web Title:Private hospitals will no longer be able to do arbitrary recovery from Corona patients know how much will have to be paid