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झारखंड: मैट्रिक-इंटर के पहले टर्म की परीक्षा पर संशय, जानिए- क्या है वजह

हिन्दुस्तान ब्यूरो,रांचीSudhir Kumar
Tue, 30 Nov 2021 09:17 AM
झारखंड: मैट्रिक-इंटर के पहले टर्म की परीक्षा पर संशय, जानिए- क्या है वजह

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मैट्रिक और इंटरमीडिएट के पहले टर्म की परीक्षा समय पर हो जाए, इसमें संशय दिख रहा है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) में अध्यक्ष का पद खाली रहने और उसका प्रभार किसी दूसरे को नहीं दिए जाने के कारण इसमें देरी हो सकती है। जैक अध्यक्ष के निर्देश पर ही परीक्षा की तारीख की घोषणा, प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों का निर्माण तक किया जाता है, लेकिन मैट्रिक-इंटरमीडिएट की परीक्षा को लेकर अब तक यह कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है।

बता दें कि 27 नवंबर तक मैट्रिक-इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए आवेदन ही लिए गए हैं। अगर राज्य सरकार जैक अध्यक्ष की नियुक्ति तक यह अधिकार शिक्षा विभाग या जैक को देगी तभी यह प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। जैक में 15 सितंबर से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद खाली है। अध्यक्ष के अभाव में यहां कार्यरत कर्मचारियों को तीन माह से वेतन का भुगतान भी नहीं हो पा रहा था। राज्य सरकार ने वेतन भुगतान की अनुमति तो दे दी है, लेकिन परीक्षा के संचालन संबंधी अनुमति अब तक नहीं दी गई है। अनुमति मिलने के बाद ही ओएमआर शीट पर होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों की छपाई की जाएगी। साथ ही अंतिम रूप से परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा और मैट्रिक और इंटरमीडिएट मुख्य परीक्षा में रखे जाने वाले सभी मानकों को पूरा किया जाएगा। इसमें जैक को कम से कम एक सप्ताह से 10 दिन तक का समय लगेगा।

जैक अध्यक्ष के नहीं रहने से अन्य कार्य भी प्रभावित

जैक अध्यक्ष के नहीं रहने से कई तरह के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पिछले जैक अध्यक्ष के समय कई संस्थानों को मान्यता और सीटों में बढ़ोतरी को स्वीकृति दी गई थी, लेकिन उसका आदेश नहीं निकल सका है। ऐसे में इन संस्थानों में रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो रही है। नए संस्थानों को अनुमति नहीं मिलने पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया नहीं चल रही है। राज्य के कई संस्थानों ने सीटों में बढ़ोतरी की प्रत्याशा में अधिक नामांकन ले लिया है। 2020 में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में सबसे ज्यादा छात्र-छात्राओं के सफल होने पर उनके नामांकन में यह समस्या सामने आई। झारखंड के बाहर जाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में भी कमी आई और कोरोना की वजह से उन्होंने राज्य के संस्थानों में ही पढ़ाई को तरजीह दी।

परीक्षा का शेड्यूल आगे बढ़ाना पड़ सकता है

राज्य सरकार ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए एक से 15 दिसंबर के बीच का शेड्यूल जारी किया था। इसी बीच जैक को मैट्रिक और इंटरमीडिएट के पहले टर्म की परीक्षा भी लेनी है। राज्य सरकार की अनुमति नहीं मिली, तो शेड्यूल के अनुसार परीक्षा संचालन संभव नहीं होगा और परीक्षा का शेड्यूल आगे बढ़ाना पड़ सकता है। जैक के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल पर बैठने पर पिछले सप्ताह ही शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने आश्वासन दिया था उसी सप्ताह जैक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति कर ली जाएगी और कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित कर दी जाएगी। बावजूद इसके अब तक यह क्लियर नहीं हो सका है। बता दें कि दिसंबर में मैट्रिक और इंटरमीडिएट के बाद जनवरी में आठवीं, नौवीं और 11वीं की ओएमआर शीट पर पहले टर्म की परीक्षा होनी है। यह परीक्षाएं भी मैट्रिक और इंटरमीडिएट के लिए निर्धारित की जाने वाली परीक्षा केंद्रों में ही आयोजित होगी।

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