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देवघर के बाबा धाम पहुंचे राष्ट्रपति कोविंद, मंदिर दर्शन के बाद की पूजा-अर्चना

झारखंड यात्रा पर आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को देवघर में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा धाम का दौरा कर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही उन्होने ने गुमला में स्वयंसेवी संस्था विकास भारती के विभिन्न...

देवघर के बाबा धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
1/ 2देवघर के बाबा धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
देवघर के बाबा धाम मंदिर में पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
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Praveenदेवघर। हिन्दुस्तान टीमSat, 29 Feb 2020 08:12 PM
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झारखंड यात्रा पर आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को देवघर में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा धाम का दौरा कर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही उन्होने ने गुमला में स्वयंसेवी संस्था विकास भारती के विभिन्न कार्यों का जायजा भी लिया।

इस दौरान राष्ट्रपति कोविंद के साथ झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख भी मौजूद रहे। पूर्व मंत्री कृष्णानन्द झा, सरदार पण्डा गुलाब नन्द ओझा, पण्डा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष प्रो. डॉ. सुरेश भारद्वाज, महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर, वरीय उपाध्यक्ष संजय मिश्रा ने बाबा धाम आने पर राष्ट्रपति का स्वागत किया।

इससे पहले शुक्रवार को राष्ट्रपति कोविंद ने रांची के चेरी-मनातू स्थित विश्वविद्यालय (सीयूजे) के नए परिसर का उद्घाटन करने के बाद दीक्षांत समारोह को भी संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मुख्य ध्येय हर विद्यार्थी के लिए अच्छा इंसान बनना होना चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि यह महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है।  

इस मौके पर राष्ट्रपति ने 96 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है और इससे बेटियां सशक्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का ध्येय छात्र को अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए। अच्छा इंसान होगा और वो डॉक्टर बन गया तो अच्छा डॉक्टर होगा। अच्छा इंसान होगा और अगर वो नेता बन गया तो वो अच्छा सामाजिक नेता होगा। 

अच्छा इंसान होगा तो अच्छा पति और पिता भी होगा। बेटी अच्छी इंसान होगी तो अच्छी बहू और अच्छी सास भी होगी। उन्होंने कहा कि बेटियां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। 

अधिकांश विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में उन्होंने देखा है कि स्वर्ण पदक विजेताओं में बेटियां अधिक होती हैं। सीयूजे में भी पिछले छह वर्षों में 96 में से 64 छात्राओं ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया है जबकि सिर्फ 32 छात्रों को ही स्वर्ण पदक मिला। इस मौके पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और सीयूजे के चांसलर जस्टिस वी एन खरे भी मौजूद थे।

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