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झारखंड: 11 हजार वकीलों की प्रैक्टिस पर लगेगी रोक, बार काउंसिल देगा अंतिम नोटिस

हिन्दुस्तान,रांचीPublished By: Abhishek
Sun, 15 Mar 2020 09:22 PM
झारखंड: 11 हजार वकीलों की प्रैक्टिस पर लगेगी रोक, बार काउंसिल देगा अंतिम नोटिस

राज्य के 11 हजार वकीलों की प्रैक्टिस पर रोक लग लग सकती है। इनमें वैसे वकील हैं जो लाइसेंस लेने के बाद प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं और अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं कराया है। झारखंड राज्य बार काउंसिल ने इनकी प्रैक्टिस रोक लगाने के लिए अंतिम नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। उन वकीलों को जिलों के बार एसोसिएशन से नोटिस भेजा जाएगा जिस एसोसिएशन से वह संबद्ध है।

राज्य में करीब तीस हजार वकील झारखंड बार काउंसिल से संबद्ध हैं। इनमें से 7946 वकीलों ने दो साल बीत जाने के बाद भी अपना शैक्षणिक प्रमाणपत्र और विधि की डिग्री सत्यापन के लिए झारखंड बार काउंसिल के पास जमा नहीं किया। इस कारण उनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं हो सका है। पहले भी कई बार बार काउंसिल ने ऐसे वकीलों को सत्यापन के लिए प्रमाणपत्र जमा करने का नोटिस दिया था, बावजूद इसके प्रमाणपत्र जमा नहीं किए गए। 

बार काउंसिल ने सभी जिलों के बार संघों से वैसे वकीलों की सूची मांगी थी जिन्होंने वकालत का लाइसेंस तो ले लिया लेकिन वह प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं और कोई दूसरे पेशे में है। ऐसे करीब चार हजार वकीलों की सूची बार कौंसिल को सौंपी गई है। काउंसिल ने सभी बार संघों को अपने जिले से संबद्ध वकीलों को अंतिम नोटिस भेज कर जवाब मांगने को कहा है। संतोषजनक जवाब नहीं पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नन प्रैक्टिसनर की सूची में शामिल होंगे
ऐसे वकीलों को नन प्रैक्टिसनर की सूची में शामिल कर उनके प्रैक्टिस  करने पर रोक लगा दी जाएगी। यह रोक तब तक रहेगी जब तक उनके प्रमाणपत्र सत्यापित न हो जाएं। जबकि लाइसेंस लेकर प्रैक्टिस नहीं करने वाले वकीलों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा
ऐसे वकीलों को बार काउंसिल की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। पेंशन योजना, मेडिक्लेम की सुविधा से भी वह वंचित हो जाएंगे। 

वर्ष 2010 से पहले निबंधित वकीलों को कराना है सत्यापन
वकीलों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सत्यापन नियमावली 2015 के तहत कराया जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2010 से पहले बार काउंसिल में निबंधित वकीलों को अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

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