ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News झारखंडस्कूलों में पोषण किट से कितना हुआ फायदा, सरकार करेगी रिपोर्ट तैयार; छात्रों को क्या होगा फायदा

स्कूलों में पोषण किट से कितना हुआ फायदा, सरकार करेगी रिपोर्ट तैयार; छात्रों को क्या होगा फायदा

झारखंड में कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में फूड बास्केट से मिलने वाले पोषण-पौष्टिकता पर राज्य सरकार विशेष रिपोर्ट तैयार करेगी। जिससे पता चलेगी की छात्रों को कितना फायदा हुआ।

स्कूलों में पोषण किट से कितना हुआ फायदा, सरकार करेगी रिपोर्ट तैयार; छात्रों को क्या होगा फायदा
jharkhand students
Sneha Baluniआशीष तिग्गा,रांचीSat, 25 May 2024 01:23 PM
ऐप पर पढ़ें

राज्य में कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में फूड बास्केट से मिलने वाले पोषण-पौष्टिकता पर राज्य सरकार विशेष रिपोर्ट तैयार करेगी। हालांकि, इससे पूर्व जनजातीय अनुसंधान संस्थान (टीआरआई) के माध्यम से सभी आवासीय विद्यालयों में पोषण किट से क्या लाभ मिला, छात्रों में इस पोषण किट का क्या फायदा हुआ, इसपर अध्ययन होगा। 

यह अध्ययन कार्य लोकसभा चुनाव-2024 को लेकर जारी आदर्श आचार संहिता के समाप्त होने के बाद शुरू होगा। इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस अध्ययन कार्य के लिए राज्य सरकार की ओर से सात लाख 15 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। एजेंसी व शोधकर्ता संगठनों का चयन किया जाएगा। इसके बाद विशेषज्ञों के माध्यम से विस्तृत अध्ययन करते हुए रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।

सुधार की कई संभावना बनेंगी 

विभाग का मानना है कि बच्चे समाज के सामाजिक व आर्थिक संकेतक होते हैं। अध्ययन में देखा जाएगा कि पोषण किट और स्थानीय व्यंजन से बच्चों में क्या परिवर्तन आता है। इसके आधार पर सरकार व नीति निर्माताओं को आदिवासी छात्रों में पोषण संबंधी कमियों को समझने में आसानी होगी और भविष्य में सुधार करने की संभावना बनेगी। साथ ही वैकल्पिक खाद्य टोकरियों में मौजूद पोषक तत्वों की वैज्ञानिक रूप से जांच व स्वास्थ्य संकेतकों के लिए नीतिगत उपाय निकाले जा सकेंगे।

राज्य में अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालयों की स्थिति

● अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालयों की संख्या 89
● संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की कुल संख्या 7
● अति कमजोर जनजातीय समूह के आवासीय विद्यालय की संख्या 9
● गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय 7
● राज्य में संचालित हो रही आश्रम विद्यालयों की संख्या 11

अनुसूचित जनजातियों की संख्या 26.21 फीसदी

झारखंड सरकार की रिपोर्ट के अनुसार जनगणना-2011 के अनुसार झारखंड की आबादी 3.29 करोड़ है। इसमें अनुसूचित जनजातियों की संख्या 26.21 फीसद है। राज्य में 32 जनजातिय समाज के लोग निवास करते हैं। भारत की कुल अनुसूचित जनजातीय आबादी में 8.29 फीसद झारखंड में हैं। पूरे राज्य के सभी आवासीय विद्यालयों के मिलाकर करीब 24 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।