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Hindi News झारखंडमैंने नमक खाया है, कर्ज चुकाने आया हूं; भगवान बिरसा मुंडा की धरती से पीएम मोदी का आदिवासी कार्ड

मैंने नमक खाया है, कर्ज चुकाने आया हूं; भगवान बिरसा मुंडा की धरती से पीएम मोदी का आदिवासी कार्ड

इन सबसे पिछड़े आदिवासियों को मूल सुविधाएं आजादी के इतने साल में भी नहीं मिली हैं। इनकी कई पीढ़ियों ने बरसों तक स्कूल नहीं देखा। रेल देखना तो दूर इन्होंने ट्रेन की आवाज तक नहीं सुनी है।'

मैंने नमक खाया है, कर्ज चुकाने आया हूं; भगवान बिरसा मुंडा की धरती से पीएम मोदी का आदिवासी कार्ड
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,रांचीWed, 15 Nov 2023 01:38 PM
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बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रांची में थे। यहां उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों के लिए कई अहम ऐलान किए। पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी सरकार पीएम जनमन योजना के तहत उन आदिवासियों तक पहुंचेगी जहां तक अब तक कोई सरकार नहीं पहुंची। यह वैसे आदिवासी हैं जो जंगलों में रहने को मजबूर हैं। देश के 22,000 से ज्यादा गांवों में रह रहे ऐसी 75 जनजातीय समुदाय की पहचान हमारी सरकार ने की है। जैसे पिछड़ों में भी अति पिछड़े होते हैं। वैसे ही आदिवासियों में ये सबसे पीछे रह गए आदिवासी हैं। देश में इनकी संख्या लाखों में हैं। इन सबसे पिछड़े आदिवासियों को मूल सुविधाएं आजादी के 75 साल भी नहीं मिली हैं। इनकी कई पीढ़ियों ने बरसों तक स्कूल नहीं देखा। रेल देखना तो दूर इन्होंने ट्रेन की आवाज तक नहीं सुनी है।' पीएम ने अपने संबोधन के दौरान कहा, 'मैंने कभी समाज के आखिरी व्यक्ति का नमक खाया है। मैं आज भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर वो कर्ज चुकाने आया हूं। देश के 18,000 गांव ऐसे थे जहां बिजली नहीं पहुंची थी। उन्हें अंधेरे में जीने के लिए छोड़ दिया गया था क्योंकि वहां बिजली पहुंचाने के लिए कई तरह की मुश्किले थीं। मख्खन पर लकीर तो सब करते हैं पर हम पत्थर पर लकीर खींचते हैं।'

पीएम ने कहा, 'मैंने 1000 दिन में 18,000 गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा था जो पूरा किय़ा। देश के 110 जिले विकास के हर पैमाने पर पिछड़े थे। इन चीजों पर पुरानी सरकार ने ठप्पा लगा दिया कि यह तो पिछड़े हैं। पहले की सरकारें उनकी पहचान करती थीं। लेकिन इन जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुविधआएं दशकों से दयनीय स्थिति में थी। इन्हीं पिछड़ी जिलों में सबसे ज्यादा आदिवासी परिवार के लोग रहते हैं।'

पीएम ने यहां सामाजिक न्याय का जिक्र करते हुए कहा कि सच्चा सामाजिक न्याय का भरोसा तब ही मिलता है जब सबको बराबरी से समान भावना से सरकारी योजना का लाभ मिले। दुर्भाग्य से आज भी बहुत से राज्यों में कई गरीब हैं जिनके पास योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है। कई ऐसे गरीब हैं जो योजनाओं का लाभ लेने के लिए सक्षम नहीं है। आखिर कब तक उन्हें उनके हाल में छोड़ा जाएगा। आज से विकसित भारत संकल्प यात्रा शुरू हो रही है। यह यात्रा आज 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मजयंती से शुरू होकर अगले साल 26 जनवरी तक चलेगी। 

आदिवासियों को लुभाते हुए पीएम ने कहा कि देश का दुर्भाग्य  है कि आजादी के बाद ऐसे वीरों के साथ न्याय नहीं हुआ। मुझे संतोष है कि आजादी के 75 वर्ष होने पर अमृत महोत्सव के दौरान हमने ऐसे वीरों को याद किया। झारखंड आना मुझे पुरानी यादों को ताजा करने का अवसर देता है। आयुष्मान योजना की शुरुआत झारखंड से ही की थी। आज झारखंड की पावन भूमि से एक नहीं बल्कि दो ऐतिहासिक अभियानों की शुरुआत होने जा रही है। विकसित भारत यात्रा, सेचुरेशन के सरकार के लक्ष्यों को प्राप्त करने का सशक्त माध्यम बनेगी। पीएम जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान से आदिवासियों के साथ न्याय हो सकेगा।

पीएम ने बताया, 'इस यात्रा में सरकार मिशन मोड में देश के गांव-गांव जाएगी। हर गरीब हर वंचित को सरकारी योजनाओं का जो हकदार है उसे लाभार्थी बनाया जाएगा। पहले की सरकारों ने आकंड़ों को जोड़ने का काम कर लिया है। लेकिन मुझे जिंदगी को जोड़ना है। हर जिंदगी में जान भरनी है। हर जिंदगी में जलवा भरना है। आज पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान 24,000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।' 

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