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झारखंड: जामताड़ा के किसान अब करेंगे मोती की खेती, दो हजार की लागत से 15 हजार की होगी आमदनी

प्रतिनिधि,जामताड़ाSudhir Kumar
Tue, 30 Nov 2021 09:42 AM
झारखंड: जामताड़ा के किसान अब करेंगे मोती की खेती, दो हजार की लागत से 15 हजार की होगी आमदनी

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जामताड़ा के किसान अब  मोती की खेती करेंगे। सुनने में भले ही यह अटपटा लगे, परंतु सोलह आने सच है। कृषि विभाग जामताड़ा जिले के किसानों को मोती की खेती का प्रशिक्षण देगा। इसके बाद आत्मा की देखरेख में किसान मोती की खेती करेंगे।

इसको लेकर कृषि विभाग द्वारा आवश्यक तैयारी प्रारंभ की गई है। प्रथम फेज में किसानों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वह बेहतर ढंग से मोती की खेती कर सकें। जामताड़ा में मोती की खेती होगी। इस बात की पुष्टि जिला कृषि पदाधिकारी सबन गुड़िया ने भी की है। कहा कि किसान को शुरूआती दौर में मोती की खेती में 02 हजार रूपए की लागत आएगी। जिसमें किसान को लगभग एक वर्ष बाद औसतन 15 हजार रूपए की आमदनी होगी।

प्रत्येक प्रखंड से 50 किसान का होगा चयन

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक प्रखंड से 50 रजिस्टर्ड किसानों का चयन किया जा रहा है। साथ ही मोती की खेती करने को इच्छुक किसान को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा और फिर उन्हें विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि किसान अपने घरों में मोती की खेती कर सकें। कहा कि किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए एक एनजीओ से बात की गई है और जनवरी माह से इस दिशा में कार्य प्रारंभ हो जाएगा। बताया कि जिले के किसान मोती की खेती करने को ले इच्छुक भी हैं।

छोटे टैंक में की जाएगी खेती

उन्होने बताया कि पहले जहां मोती की खेती समुद्र तथा तालाबों में होती थी। परंतु अब वैज्ञानिक पद्धति से छोटे टैंक में इसकी खेती की जाती है। वही उस पानी को साफ रखने के लिए केमिकल डाला जाता है। इसके अलावा कई अन्य प्रक्रिया से गुजरने के बाद सीप के अंदर मोती तैयार होता है। बताया कि दो टैंक में एक्सो सीप को रखकर मोती तैयार किया जा सकता है। वही इसकी खेती के लिए तापमान का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसी को लेकर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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