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झारखंडदलबदल: स्पीकर ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा, स्वत: संज्ञान लेने का है अधिकार

रांची प्रमुख संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Wed, 13 Jan 2021 10:12 PM
दलबदल: स्पीकर ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा, स्वत: संज्ञान लेने का है अधिकार

झारखंड विधानसभा के स्पीकर की ओर से स्वत: संज्ञान लेते हुए दल-बदल मामले में नोटिस जारी करने के मामले पर हाईकोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई होगी। स्पीकर की ओर से दाखिल जवाब का बाबूलाल मरांडी जवाब देंगे। बुधवार को बाबूलाल मरांडी की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया गया जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

बाबूलाल मरांडी ने स्पीकर के स्वत: संज्ञान लिए जाने के अधिकारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने स्पीकर की ओर से जारी नोटिस पर रोक लगा दी थी। साथ ही इस मामले में स्पीकर ट्रिब्यूनल में सुनवाई करने पर भी रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट के नोटिस पर रोक लगाने के खिलाफ स्पीकर सुप्रीम कोर्ट गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर की याचिका खारिज कर उन्हें हाईकोर्ट में ही अपनी बात रखने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने का निर्देश भी हाईकोर्ट को दिया है। स्पीकर की ओर से गुरुवार को जवाब दाखिल कर यह बताया गया है कि स्पीकर को स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार है। इसके समर्थन में कई राज्यों के स्पीकर द्वारा लिए गए स्वत: संज्ञान और कोर्ट के आदेश भी संलग्न किये गए हैं।

स्पीकर की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया है कि दसवीं अनुसूचि में स्पीकर को स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार है और बाबूलाल के मामले में लिया गया संज्ञान भी संवैधानिक है। अनुच्छेद 226 के तहत जब तक विधानसभा न्यायाधिकरण में यह मामला लंबित है।  अदालत इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। बाबूलाल की ओर से इसका जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। इस पर हाईकोर्ट ने समय देते हुए सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी। स्पीकर की ओर से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल और राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन और बाबूलाल मरांडी की ओर से वरीय अधिवक्ता आरएन सहाय ने बहस की।

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