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झारखंड

दहशत : कोरोना संक्रमित आरपीएफ जवान की बाथरूम में मौत

धनबाद गोमो प्रतिनिधिPublished By: Rupesh
Tue, 28 Jul 2020 01:51 AM
दहशत : कोरोना संक्रमित आरपीएफ जवान की बाथरूम में मौत

आरपीएफ गोमो के 51 वर्षीय हेड कांस्टेबल की सोमवार की दोपहर कोरोना से मौत हो गई। उन्होंने कोविड-19 अस्पताल के बाथरूम में दम तोड़ दिया। काफी देर तक जब वे बाथरूम से बाहर नहीं आए, तो दरवाजा तोड़ कर लोग अंदर गए, तो उन्हें बाथरूम में मृत पाया। 24 जुलाई को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद तीन आरपीएफ जवानों के साथ उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

उनकी मौत की खबर पाकर गोमो बैरक में रह रहे करीब 40 आरपीएफ और आरपीएसएफ के जवानों के बीच हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सोमवार की सुबह करीब 7.50 बजे आरपीएफ के अधिकारी ने उन्हें फोन किया, तो उन्होंने बताया कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है। इसके बाद शौचालय गए। फिर काफी देर तक जब वापस अपने बेड पर नहीं आए, तो हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने शौचालय का दरवाजा तोड़कर उनका शव निकाला।

19 जुलाई को सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित थे, तो रेलवे चिकित्सक से दिखाया गया। तबीयत ज्यादा खराब हो रही थी। उसी दिन कोविड टेस्ट कर क्वारंटाइन कर दिया गया, लेकिन जब 24 जुलाई को रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो फिर उन्हें कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सोमवार की दोपहर करीब 12.40 बजे इनकी मौत हो गई। हेड कांस्टेबल दरभंगा के लहरियासराय स्थित हरिपट्टी गांव के निवासी थे। पत्नी और एक बेटा (20) और एक बेटी (18) हैं।  हेड कांस्टेबल तीन वर्षों से धनबाद में पदस्थापित थे। वे  1990 में आरपीएफ में भर्ती हुए थे।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल : 24 जुलाई को जब चार आरपीएफ जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी और सभी को कोविड हॉस्पिटल धनबाद में भर्ती कराया गया। इसके बाद प्रशासन ने खानापूर्ति कर आरपीएफ बैरक सील कर दी, लेकिन बैरक में अब भी करीब 40 जवान रह रहे हैं। जिनकी अबतक किसी प्रकार की कोई जांच नहीं की गई है। 40 आरपीएफ के जवान भी घटना के बाद हतप्रभ हैं।  

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