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झारखंड में फिर मिला नोटों का पहाड़, ED की जमीन कारोबारी के घर रेड; एक करोड़ कैश और 100 जिंदा कारतूस मिले

झारखंड में एख बार फिर नोटों का पहाड़ मिला है। जमीन घोटाले में शुक्रवार को ईडी ने जमीन कारोबारी कमलेश कुमार के यहां छापेमारी कर एक करोड़ नकद और 100 जिंदा कारतूस बरामद किये। ईडी का सर्च जारी है।

झारखंड में फिर मिला नोटों का पहाड़, ED की जमीन कारोबारी के घर रेड; एक करोड़ कैश और 100 जिंदा कारतूस मिले
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,रांचीSat, 22 Jun 2024 08:36 AM
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रांची में हुए जमीन घोटाले में शुक्रवार को ईडी ने जमीन कारोबारी कमलेश कुमार के यहां छापेमारी कर एक करोड़ नकद और 100 जिंदा कारतूस बरामद किये। फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने वाले सिंडिकेट से जुड़े शेखर कुशवाहा ने कमलेश कुमार के द्वारा बीएयू और कांके इलाके में कई जगहों पर जमीन के फर्जी दस्तावेजों के सहारे भूमि हड़पने की जानकारी दी थी। मामला सामने आने के बाद ईडी ने समन कर कमलेश कुमार को रांची जोनल ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन कमलेश फरार हो गया था।

शुक्रवार की दोपहर 12 बजे ईडी कांके रोड के चांदनी चौक स्थित एस्ट्रो ग्रीन स्थित फ्लैट पहुंची। उसके पहले ही कमलेश वहां से निकल गया था। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में ईडी ने फ्लैट को सर्च किया, तब एक करोड़ रुपये नकद और 100 जिंदा कारतूस मिले। जमीन से जुड़े दस्तावेज समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं। कांके रोड के घर में छापेमारी के बाद ईडी ने देर शाम कमलेश के चेशायर होम रोड स्थित आवास पर भी छापेमारी शुरू की, जो खबर लिखे जाने तक जारी थी।

डीजीपी को ईडी ने भेजा पत्र, पुलिस को सौंपे कारतूस

कारतूस की बरामदगी के बाद ईडी के सहायक निदेशक देवव्रत झा ने मामले में डीजीपी अजय कुमार सिंह को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। शाम करीब छह बजे ईडी ने बरामद कारतूस रांची पुलिस को सौंप दिया। रांची पुलिस की टीम भी ईडी की सूचना पर अपार्टमेंट पहुंची थी। ईडी की शिकायत पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के लिए एजेंसी ने रांची पुलिस को निर्देश दिया है।

पुलिस हाउसिंग के नाम पर जमीन बेची, कांके रिसॉर्ट में भी हिस्सेदारी

कमलेश पूर्व में कांके में बीएयू की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में जेल जा चुका है। कांके पुलिस ने इस मामले में उसे जेल भेजा था। जानकारी के मुताबिक, गैर मजरुआ जमीन के दस्तावेजों में हेरफर कर कमलेश ने राज्य के कई पुलिस अफसरों को भी जमीन बेची थी। इनमें पूर्व डीजीपी डीके पांडेय से जुड़ा मामला चर्चित रहा था। कमलेश के खिलाफ गोंदा थाने में भी ठगी का केस दर्ज है। ईडी को जानकारी मिली है कि कांके रिसॉर्ट में भी कमलेश की हिस्सेदारी रही है।

कैसे मिली कमलेश की संलिप्तता की जानकारी

ईडी ने जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सिंडिकेट के प्रियरंजन सहाय, शेखर कुशवाहा समेत अन्य आरोपियों के मोबाइल में कमलेश से चैट की बरामदगी की थी। इसमें फर्जी दस्तावेजों के आदान-प्रदान के साक्ष्य मिले थे। तब ईडी ने कमलेश को समन भेजा था। जमीन कारोबार में जुड़ने से पहले कमलेश मीडिया में काम करता था।