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दिल्ली हाई कोर्ट से शिबू सोरेन को नहीं मिली राहत, लोकपाल कार्रवाई के खिलाफ दायर अपील खारिज

पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों से यह साफ़ है कि शिकायत संपत्तियों की खरीद से संबंधित है, जिनके बारे में सोरेन ने दावा किया है कि उन्हें सात साल से अधिक समय पहले खरीदा गया था।

दिल्ली हाई कोर्ट से शिबू सोरेन को नहीं मिली राहत, लोकपाल कार्रवाई के खिलाफ दायर अपील खारिज
Abhishek Mishraहिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 21 Feb 2024 08:03 AM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रमुख सिबू सोरेन की एक अपील को खारिज कर दिया। सोरेन ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर लोकपाल द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार करने के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि एकल जज की पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है, जिसने माना था कि सोरेन की याचिका समयपूर्व थी। अदालत ने कहा कि तदनुसार, अपील तथ्यहीन होने के कारण सभी संलग्न आवेदनों के साथ खारिज की जाती है।

खंडपीठ झारखंड से राज्यसभा सांसद सोरेन द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाईकोर्ट की एकल जज की पीठ के 22 जनवरी के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने लोकपाल कार्यवाही और शिकायत के खिलाफ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री की याचिका को खारिज कर दिया था।

पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए विशिष्ट आरोपों से यह स्पष्ट है कि शिकायत संपत्तियों की खरीद से संबंधित है, जिनके बारे में सोरेन ने दावा किया है कि उन्हें सात साल से अधिक समय पहले खरीदा गया था। इन आरोपों के आलोक में, हम अपीलकर्ता की इस दलील को स्वीकार करने में असमर्थ हैं कि यह एक उपयुक्त मामला था जहां प्रतिवादी नंबर 1 (लोकपाल) को पहली बार में ही शिकायत को सीमा से बाधित होने के कारण खारिज कर देना चाहिए था।

इधर लोकपाल में राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत करने वाले गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकपाल की जांच में सोरेन परिवार के पास 108 सम्पत्ति होने का खुलासा हुआ, लेकिन जिसका ज़िक्र ना चुनाव आयोग के समक्ष किया गया था और ना ही आयकर विभाग को ही इसकी जानकारी दी थी। निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार की गंगा बनाने वाले को जाना होगा।

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