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22 नवंबर, 2020|12:50|IST

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अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति मिलेगी, 17 मापदंडों पर परखने के बाद, जानिए क्या है नियम

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छात्रवृत्ति घोटाला उजागर होने के बाद इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान सभी संस्थानों और छात्रों के आवेदनों का भौतिक सत्यापन करने का आदेश उपायुक्तों को दिया है। इस आदेश को पूरा करने के लिए 17 मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इन्हें पूरा करने के बाद ही अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस संबंध में कल्याण विभाग के सचिव डॉ अमिताभ कौशल ने राज्य के सभी उपायुक्तों को आदेश जारी किया है।
 
     सत्यापन में फर्जी पाए गए शिक्षण संस्थानों से पूर्व में जारी छात्रवृत्ति की वसूली भी की जाएगी। जिन संस्थानों के दस्तावेज फर्जी मिलेंगे, उनके माध्यम से प्राप्त सभी छात्रों के आवेदन भी फर्जी मानकर ऐसे संस्थानों को खारिज किया जाएगा। इनका भौतिक सत्यापन करने की भी जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित तीनों छात्रवृत्ति योजना प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और राष्ट्रीय साधन सह योजना में सरकारी राशि गबन के मामले की जांच एसीबी से कराने का निर्णय लिया गया है। चालू वर्ष के लिए इन तीनों योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदन और संबंधित संस्थानों का भौतिक सत्यापन 15 दिसंबर तक करा लेना है। 

गड़बड़ी में पकड़े गए छात्रों से छात्रवृत्ति की राशि वसूली जाएगी: भौतिक सत्यापन में देखा जाएगा कि संस्थान से संबंधित विद्यार्थियों ने हॉस्टल सुविधा लेने के लिए आवेदन दिया है या नहीं। यदि हॉस्टल में रहने के लिए आवेदन दिया है तो यह देखा जाएगा कि संबंधित संस्थान के पास हॉस्टल उपलब्ध है या नहीं। छात्र के संबंधित संस्थान के नहीं होने या अयोग्य मिलने पर उनका आवेदन अस्वीकार किया जाएगा। छात्रवृत्ति योजना के नवीकरण के लिए आवेदन करने वाले छात्र के संबंधित संस्थान का नहीं होने या अयोग्य मिलने पर उसे पूर्व में भुगतान की गई छात्रवृत्ति वसूली जाएगी।   

    यह भी देखा जाएगा कि संस्थान की भौतिक स्थिति उसकी ओर से समर्पित दस्तावेज के अनुरूप है या नहीं। ऐसा नहीं मिलने पर संबंधित संस्थान का पंजीकरण रद्द किया जाएगा और सभी आवेदन खारिज किये जाएंगे। इसी प्रकार संस्थान के नवीकरण से जुड़े आवेदन समर्पित दस्तावेज के अनुरूप भौतिक रूप में नहीं पाए गए तो उनका पंजीकरण रद्द करने के साथ पूर्व के वर्षों में भुगतान की गई छात्रवृत्ति की राशि वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। 

भौतिक सत्यापन के लिए यह काम भी जरूरी
1. संबंधित संस्थान और उसके दस्तावेज की जांच में देखना होगा कि यू-डीआईएसई कोड सही है या नहीं। यह काम जिला शिक्षा अधीक्षक अथवा जिला शिक्षा पदाधिकारी के रिकॉर्ड से होगा।  
2. अगर कोई संस्था फर्जी पाई जाती है तो उसके आवेदकों का भौतिक सत्यापन करने की आवश्यकता नहीं होगी। 
3. यह भी देखा जाएगा कि आवेदन करने वाला संस्थान छात्रवृत्ति योजना के लिए पात्र है या नहीं। 
4. संस्थान एवं छात्रवृत्ति के आवेदनों का भौतिक सत्यापन करने के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति होगी। वह जिला कल्याण पदाधिकारी को स्पष्ट अनुशंसा देंगे। इसके आधार पर डीईओ 5. पोर्टल पर छात्रवृत्ति के आवेदन को सत्यापित करेंगे। 
6. डीईओ के सत्यापन का पर्यवेक्षण जिले के किसी वरीय पदाधिकारी से कराया जाएगा।
7. कोविड-19 के कारण हॉस्टल संचालन पर रोक है। इसका अनुपालन नहीं करने वाले खुले मिले हॉस्टल वाले संस्थानों का आवेदन भी अस्वीकार कर दिया जाएगा। 
8. संस्थान स्तर पर सत्यापन या पहला सत्यापन नहीं होने की स्थिति में भी जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना है।   

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  • Web Title:Minority scholarship will be given after testing 17 parameters know what is the rule