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हीमोफीलिया मरीजों को महीने में आठ बार फैक्टर लेने से निजात दिलाएगा मिमिक, क्या है यह?

Jharkhand News: रांची के सदर अस्पताल में हीमोफीलिया के मरीजों को फैक्टर आठ मिमिक जल्द ही उपलब्ध हो जाएगा। इससे मरीजों को फैक्टर लेने के लिए हफ्ते में दो बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी।

हीमोफीलिया मरीजों को महीने में आठ बार फैक्टर लेने से निजात दिलाएगा मिमिक, क्या है यह?
Krishna Singhकुमार गौरव,रांचीThu, 22 Feb 2024 12:54 AM
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झारखंड में हीमोफीलिया के मरीजों की परेशानी अब कम होने वाली है। झारखंड के करीब 950 हीमोफीलिक मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। रांची के सदर अस्पताल में अब फैक्टर आठ मिमिक मरीजों के लिए जल्द ही उपलब्ध हो जाएगा। इसके उपलब्ध हो जाने से मरीजों को फैक्टर लेने के लिए सप्ताह में दो बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि महीने में सिर्फ एक बार ही मिमिक ले लेने से समस्या का समाधान हो जाएगा।

हर सप्ताह दो बार आना पड़ता
हीमोफीलिया सोसाइटी के सचिव संतोष कुमार जायसवाल ने बताया कि वर्तमान में फैक्टर लेने के लिए मरीजों को हर सप्ताह दो बार आना पड़ता है। वहीं इसकी उपलब्धता को लेकर रांची के सिविल सर्जन डॉ प्रभात ने बताया कि टेंडर किया जा चुका है। पैसे की मांग विभाग के स्तर से की गई है और जल्द ही इसकी खरीदारी कर ली जाएगी। बता दें कि मिमिक की सुविधा देश के विभिन्न राज्यों में मरीजों को पहले से ही दी जा रही थी। झारखंड में अब इसकी शुरुआत होगी।  

नसों में लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात ने बताया कि हीमोफीलिया के मरीजों को मिमिक की सुविधा मिलने से काफी राहत मिलेगी। महीने में सिर्फ एक बार ही लेना होगा, साथ ही इसे नस में लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संतोष कुमार जायसवाल ने बताया कि मरीजों को नस में फैक्टर आठ देने से कई बार नसें ब्लॉक हो जाती हैं, नस खोजने से भी नहीं मिलता ऐसे में परेशानी होती है।

ड्रॉपआउट से भी बचेंगे मरीज
हीमोफीलिया सोसाइटी के सचिव ने बताया कि मिमिक की उपलब्धता हो जाने से हीमोफीलिया ग्रसित मरीजों का जीवन समान्य हो सकेगा। उन्हें बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसा होने से वे समान्य लोगों की तरह अपना काम कर सकेंगे। बच्चे रेगुलर स्कूल जा सकेंगे। ड्रॉपऑउट की स्थिति नहीं बनेगी। कामकाजी लोग भी अपना काम सही से कर सकेंगे।

क्या होता है मिमिक?
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात के अनुसार, हीमोफीलिया के मरीजों को फैक्टर बतौर दवा दी जाती है। फैक्टर आठ अब तक दी जाती रही है। फैक्टर आठ मिमिक एडवांस वर्जन है जिसे इंसुलिन के तौर पर दिया जाएगा। यह सिर्फ महीने में एक बार देने से मरीज सामान्य जीवन जी सकेंगे। इससे पहले मरीजों को सामान्य फैक्टर आठ दी जाती रही है, यह नसों के माध्यम से महीने में आठ बार देने की जरूरत पड़ती थी। एडवांस वर्जन मिमिक के आने से यह सिर्फ एक बार लगेगा।

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