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1 दिसंबर, 2020|9:52|IST

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मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में नामांकन को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, जानिए क्यों लगी थी रोक

जमशेदपुर स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में नामांकन का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कौंसिल (एनएमसी) के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि संस्थान नामांकन के लिए होने वाले  दूसरे चरण के काउंसिलिंग में शामिल हो सकता है। मेडिकल में नामांकन को लेकर 20 से 23 नवंबर तक दूसरे चरण की काउंसिलिंग चल रही है। एनएमसी ने मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में इस सत्र के नामांकन पर रोक लगा दी थी। इस संस्थान में 150 सीट पर नामांकन होना है।

एनएमसी के आदेश को संस्थान की ओर से पहले झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन यहां से राहत नहीं मिलने के बाद संस्थान ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। संस्थान के अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने बताया कि जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में सुनवाई की है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मणिपाल विश्वविद्यालय स्वायतशाषी (डिम्ड) संस्थान है और उसे अक्टूबर माह में उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिया गया। इस बीच संस्थान की ओर से इस सत्र में नामांकन के लिए एनएमसी को आवेदन दिया था। लेकिन एनएमसी ने उनके आवेदन को  रद्द कर दिया। अदालत को बताया गया कि उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिए जाने की सूचना जब तक उन्हें मिलती तब तक उन्होंने  नामांकन के लिए एनएमसी के यहां आवेदन दे दिया था। जबकि उत्कृष्ट संस्था का दर्जा मिलने के बाद उनपर यूजीसी और एनएमसी गाइडलाइन लागू नहीं होता है।  एनएमसी को ऐसा आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है।  इसलिए नामांकन पर लगी रोक को हटाया जाए।

जबकि एनएमसी का कहना था कि मणिपाल को दूसरे राज्य में मेडिकल कॉलेज खोल कर वहां नामांकन लेने का अधिकार नहीं है। इसकी अनुमति नहीं दी गयी है। मणिपाल जमशेदपुर में स्थित कॉलेज में नामांकन नहीं ले सकता है। सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनएमसी के आदेश पर रोक लगाते हुए कॉलेज को नामांकन के लिए काउंसिलिंग में शामिल होने की अनुमति प्रदान कर दी। 

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  • Web Title:Manipal Tata Medical College enrollment to be approved by Supreme Court know why it was stopped