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मैथिली को भी मिलेगा दूसरी राजभाषा का दर्जा

झारखंड में मैथिली को भी दूसरी राजभाषा का दर्जा मिलेगा। पहले केवल मगही, भोजपुरी व अंगिका को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब मैथिली भी इसमें शामिल की जा रही...

मैथिली को भी मिलेगा दूसरी राजभाषा का दर्जा
Praveenहिन्दुस्तान टीम,रांचीTue, 06 Mar 2018 09:16 AM

झारखंड में मैथिली को भी दूसरी राजभाषा का दर्जा मिलेगा। पहले केवल मगही, भोजपुरी व अंगिका को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब मैथिली भी इसमें शामिल की जा रही है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस संबंध में आश्वासन दिया है। बता दें कि मैथिली रांची जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, देवघर और संताल के अन्य क्षेत्र में ज्यादा बोली जाती है। 

इन्हें है द्वितीय राजभाषा का दर्जा: राज्य में बंगला, उर्दू और उड़िया को द्वितीय राजभाषा का दर्जा है। संताली, मुंडारी, हो, कुरुख (उरांव), खोरठा, खड़िया, कुरमाली, पंचपरगनिया और नागपुरी भी इसमें शामिल की गई है। 

दर्जा देने की क्या है प्रक्रिया: प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा। सरकार इसे अध्यादेश या विधेयक के रूप में ला सकती है। विधेयक के रूप में लाने पर विधानसभा सत्र का इंतजार करना होगा। सदन से पारित करा कर इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। जबकि अध्यादेश सीधे राज्यपाल के पास भेजा जा सकता है। वहां से मंजूरी के बाद यह लागू होसकता है और बाद में विधेयक के रूप में सदन से पारित कराया जा सकता है।

मगही, भोजपुरी, अंगिका और मैथिली को द्वितीय राजभाषा का दर्जा मिलेगा। मिथिला मंच के प्रतिनिधियों को सीएम ने आश्वस्त किया है कि इस दिशा में जल्द कदम उठाया जाएगा। -राज पालिवाल, श्रम मंत्री

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