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हिंदी न्यूज़ झारखंड श्यामपुर में तेज आवाज के साथ फटी जमीन, एमपीएल रेलवे लाइन पर खतरे की आशंका

श्यामपुर में तेज आवाज के साथ फटी जमीन, एमपीएल रेलवे लाइन पर खतरे की आशंका

कच्ची सड़क धंसने से आधा दर्जन से अधिक गांव के लोगों का आवागमन ठप। 100 फीट के वर्गाकार में तीन-फीट धंसी है सड़क ।300 फीट की दूरी पर हावड़ा-दिल्ली ग्रैंड कोड लाइन। आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ब

 श्यामपुर में तेज आवाज के साथ फटी जमीन, एमपीएल रेलवे लाइन पर खतरे की आशंका
Mohammad Azamसंवाददाता,धनबादTue, 16 Aug 2022 10:29 PM

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निरसा के नयाडांगा से श्यामपुर गांव होते हुए थापरनगर रेलवे स्टेशन जाने वाले कच्चे रास्ते पर मंगलवार की सुबह तेज आवाज के साथ जमीन फट गई। सड़क पर करीब 100 फीट से अधिक वर्गाकार दरारें पड़ गईं हैं। साथ ही तीन-चार फीट जमीन धंस गई। घटनास्थल से करीब 25-30 फीट की दूरी पर एमपीएल की रेलवे लाइन है। घटना के बाद लाइन पर खतरे की आशंका जतायी जा रही है। इधर, एमपीएल प्रबंधन सूत्रों का कहना है कि एमपीएल रेलवे लाइन का कोई खतरा नहीं है। घटनास्थल ट्रैक से काफी दूर है। हावड़ा-नई दिल्ली ग्रैंड कोड लाइन घटनास्थल से महज 300 मीटर दूर है।

सड़क के जमीन धंस जाने से आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन बाधित हो गया। इस मार्ग से ग्रामीणों को गांव जाने मे कम दूरी तय करनी पड़ी थी। अब ग्रामीणों को निरसा बाजार चौक से भलजोरिया, थापरनगर रेलवे स्टेशन होते हुए  आवागमन करना पड़ेगा। इससे ग्रामीणों को पांच-सात किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। ईसीएल प्रबंधन ने घटनास्थल की भराई शुरू करा दी है। 

बता दें कि इससे पहले दो बार जमीन धंसने की घटना घट चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया है कि उक्त स्थल के पास कोल इंडिया के राष्ट्रीयकरण के पहले प्राइवेट कोल कंपनी कोयला खनन करती थी। खनन के बाद जमीन के अंदर बालू की भराई नहीं की गई। इससे जमीन खोखली रह गई, जिसके कारण बरसात में जमीन धंस जाती है।

ग्रामीणों मे आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि यहां अक्सर भू-धंसान होता रहता है। घटना के बाद ईसीएल प्रबंधन आनन-फानन में भू-धंसान प्रभावित स्थल की भराई करा कर मामले को समाप्त कर देता है, लेकिन इसका स्‍थायी समाधान नहीं होने की वजह से भू-धंसान का खतरा हमेशा बना रहता है। बता दें कि इससे पहले 27 अगस्त 2020 को थापरनगर रेलवे स्टेशन से एमपीएल कोयला ढुलाई के लिए बने रहे रेलवे ट्रैक के समीप भी भू-धंसान हुआ था। एमपीएल तक जाने वाला निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हुआ था। उस वक्त रेलवे, डीजीएमएस एवं ईसीएल के वरीय पदाधिकारियों ने आकर स्थल का निरीक्षण किया था। बाद में एमपीएल की छाई से प्रभावित क्षेत्र की भराई करवाई गई थी। वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि निजी कंपनी द्वारा कोयला निकालने के बाद खदान बंद कर दी गई थी। उसके बाद कोयला चोरों ने कोयला निकाल लिया, जिसके बाद जमीन पूरी तरह खोखली हो गई है। बरसात में जमीन धंसनी शुरू हो जाती है। श्मामपुर पंचायत के मुखिया जगन्नाथ महतो ने कहा कि उक्त स्थल पर हमेशा जमीन धंसने की घटना घट रही है। पिछले दो -तीन वर्षों से घट रही है। ईसीएल एवं एमपीएल प्रबंधन अच्छी तरह से जमीन की भराई कराए। ऐसा नहीं हुआ तो बड़ी घटना घट सकती है।

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