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कोरोना का कहर: कोविड के बढ़ रहे मामले, छठ पर्व में रहें सतर्क, उठाए जा रहे ये सख्त कदम

प्रमुख संवाददाता,रांचीSudhir Kumar
Tue, 26 Oct 2021 07:58 AM
कोरोना का कहर: कोविड के बढ़ रहे मामले, छठ पर्व में रहें सतर्क, उठाए जा रहे ये सख्त कदम

झारखंड में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन अब सख्ती करेगा और एयरपोर्ट तथा रेलवे स्टेशनों पर विशेष सावधानी बरतेगा। स्टेशनों और एयरपोर्ट पर मिलने वाले पॉजिटिव मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जाएगा। एंबुलेंस को एस्कॉर्ट करते हुए अस्पताल ले जाया जाएगा।

मरीजों को अस्पताल ले जाने की जिम्मेवारी संबंधित इंसीडेंट कमांडरों को दी गई है। इसमें लापरवाही बरतने और यदि मरीज ट्रेस नहीं होता है तो इंसीडेंट कमांडरों को सस्पेंड कर दिया जाएगा। रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने सोमवार को ये निर्देश दिए। वह जिला कोविड टास्क फोर्स की वर्चुअल समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में सभी कोषांगों के वरीय प्रभारी, सिविल सर्जन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, इंसिडेंट कमांडर, एमओआईसीए एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी जुड़े थे।

मरीज को स्कॉट करते हुए कोविड अस्पताल में कराना है भर्ती

उपायुक्त ने कहा कि रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर जांच के दौरान अगर कोई यात्री संक्रमित पाया जाता है तो वो किसी भी हाल में ट्रेसलेस नहीं होना चाहिए। संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि एंबुलेंस तैयार रखें और मरीज को स्कॉट करते हुए कोविड अस्पताल में भर्ती कराना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने सैंपल देने वाले यात्रियों के मोबाइल नंबर के वेरिफिकेशन के लिए हर जांच टीम में एक कर्मी की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया।

नहीं छूटना चाहिए पॉजिटिव पाया गया एक भी यात्री

उपायुक्त ने कहा कि स्टेशन पर जांच के दौरान पॉजिटिव पाया गया एक भी यात्री छूट जाता है तो इंसिडेंट कमांडर सस्पेंड होंगे। उन्होंने कहा कि तीनों शिफ्ट में इंसिडेंट कमांडर रेलवे स्टेशन पर तैनात रहें और पॉजिटिव पाए गए यात्री को स्कॉट कर कोविड अस्पताल में भर्ती करें। कोई भी मरीज होम आइसोलेशन में न रहे, इसे सुनिश्चित करें। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर जांच के दौरान उपायुक्त ने फोर्स की आवश्यकता होने पर वरीय पुलिस अधीक्षक से समन्वय स्थापित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया।

छठ पूजा तक विशेष सर्तकता बरतें

उपायुक्त ने कहा कि कोरोना को लेकर छठ पूजा तक विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर पर्याप्त मात्रा में मजिस्ट्रेट की तैनाती करें। त्योहार के दौरान दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग ट्रेनों से आएंगे। उन्होंने बिहार, महाराष्ट्र, नई दिल्ली आदि जगहों से आनेवाली ट्रेनों के दौरान पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एसडीओ और एडीएम को आवश्यक निर्देश दिए।

बढ़ रहे हैं मामले

सिविल सर्जन ने बताया कि 22 को सिर्फ रांची के दो मरीज पॉजिटिव थे, 23 को 11 लोग पॉजिटिव मिले और 24 की रिपोर्ट नहीं आयी है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा जारी लिस्ट में 22 को रांची जिला में मिले मरीजों की संख्या 26 दिखाई गई है, 23 को 27 मरीजों को पॉजिटिव बताया गया है, वहीं 24 को 25 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

आरटीपीसीआर निगेटिव मिलने से विभाग को राहत

रांची के हटिया और रांची रेलवे स्टेशन में पिछले तीन-चार दिनों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि 22, 23 और 24 अक्तूबर को स्टेशन में मिले सभी लोग कोरोना से निगेटिव हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग रैपिड एंटीजेन टेस्ट में पॉजिटिव मिले थे, उन सभी की आरटीपीसीआर जांच भी की गई थी, जिसमें वे निगेटिव हो चुके हैं।

बता दें कि आरटीपीसीआर के लिए भी सैंपल उसी वक्त लिया जा रहा है, जब रैपिड एंटीजेन किट से जांच हो रही है। रांची सिविल सर्जन ने कहा कि जांच की क्वालिटी को लेकर विभाग को लिखित शिकायत भी की है। उन्होंने रैट जांच में गलत किट के इस्तेमाल की आशंका जतायी है। इसको लेकर एमडी एनएचएम से अग्रेतर कार्रवाई का अनुरोध किया है। सिविल सर्जन ने बताया कि पहले रैपिड एंटीजेन टेस्ट निगेटिव होने पर कंफर्म होने के लिए आरटीपीसीआर कराना पड़ता था। ऐसा पहली बार हुआ है, जब रैट पॉजिटिव होने के बाद आरटीपीसीआर में लोग निगेटिव हुए हैं। पहले मान लिया जाता था कि रैट में पॉजिटिव मतलब एंटीजेन में भी पॉजिटिव।

बढ़े सक्रिय मरीज

जिला प्रशासन द्वारा 24 अक्तूबर को जारी रिपोर्ट के आधार पर रांची जिला में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 133 दिखाई गई है। सिविल सर्जन रांची ने बताया कि निगेटिव हो चुके मरीजों की संख्या में भी कमी आ जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि अचानक इतने मरीजों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद लोग परेशान हो गए थे, पर आरटीपीसीआर में निगेटिव आ जाने के बाद लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। तीसरी लहर जैसी कोई बात नहीं है।

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