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Hindi News झारखंडमां ने कहा था मत जाओ, फिर भी चला गया कुवैत, 18 दिन बाद आई बुरी खबर से सदमे में परिवार  

मां ने कहा था मत जाओ, फिर भी चला गया कुवैत, 18 दिन बाद आई बुरी खबर से सदमे में परिवार  

झारखंड के रांची का रहने वाला 24 वर्षीय मोहम्मद अली हुसैन अपनी मां के बार-बार मना करने के बावजूद नौकरी करने के लिए 18 दिन पहले कुवैत गया था। इस बीच ऐसी खबर आई कि उसका परिवार गहरे सदमे में है।

मां ने कहा था मत जाओ, फिर भी चला गया कुवैत, 18 दिन बाद आई बुरी खबर से सदमे में परिवार  
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Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,रांचीFri, 14 Jun 2024 09:56 PM
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झारखंड का एक परिवार इन दिनों गहरे सदमे में है। दरअसल, यहां का एक युवक बेहतर करिअर की तलाश में मां के मना करने के बावजूद महज 18 दिन पहले कुवैत चला गया था। इस बीच वहां से ऐसी खबर आई कि युवक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 

झारखंड के रांची का रहने वाला 24 वर्षीय मोहम्मद अली हुसैन अपनी मां के बार-बार मना करने के बावजूद नौकरी करने के लिए 18 दिन पहले कुवैत गया था। इस बीच कुवैत में एक इमारत में आग लगने से उनकी मौत की खबर मिलने के बाद उसका परिवार गहरे सदमे में है।

मोहम्मद अली हुसैन ने वाणिज्य में स्नातक किया था। वह अच्छी नौकरी की तलाश में कुवैत जाना चाहता था, लेकिन उसकी मां कहती थी कि वह विदेश जाने के बजाए अपने ही देश में अच्छी नौकरी की तलाश करे। उसने अपनी मां की एक नहीं सुनी और कुवैत चला चला गया। वहां गए अभी 18 दिन ही हुए थे कि इतनी बड़ी अनहोनी हो गई। 

बेटे की मौत के सदमे से दुखी अली के पिता 57 वर्षीय मुबारक हुसैन ने अफसोस जताते हुए बताया कि घर में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं थी। वह और अली की मां कमर जहां नहीं चाहते थे कि उनका बेटा नौकरी के लिए विदेश जाए। उसकी मां उसे बार-बार रोक रही थी, फिर भी अली कुवैत जाने के अपने फैसले पर अडिग था। पिता ने बताया कि यह एक ऐसा निर्णय था जो उसे मौत के मुंह में पहुंचा दिया। उन्होंने बताया कि अली की मौत की खबर अभी तक उसकी मां को नहीं दी गई है।

पिता ने बताया कि बिल्डिंग में आग लगने की घटना से पहले अली ने हर रोज कुवैत से अपने परिवार के साथ फोन पर संपर्क बनाए रखा। 12 जून के बाद उसका फोन नहीं आया तो परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। जब उन्हें पता चला कि वह व्हाट्सएप पर भी ऑनलाइन नहीं था तो परिवार को कुछ अशुभ होने का संदेह हुआ। परिवार के लोगों ने सऊदी अरब में रहने वाले अली के चाचा से संपर्क किया।

अली के चाचा ने कुवैत में एक परिचित के साथ अली के पासपोर्ट विवरण साझा किया। उस आदमी ने पता लगाने के बाद अली के परिजनों को सूचित किया कि अली भी उसी बिल्डिंग में था, जिसमें भीषण आग लगी थी। आग की घटना में वह भी बुरी तरह झुलस गया था। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। अली के परिवार में उसके पिता, मां, एक बहन और एक भाई है।

बता दें कि कुवैत अग्निकांड के मारे गए 49 लोगों में से 45 भारत के थे। इनमें 23 केरल से, 7 तमिलनाडु से, 3-3 आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश से, दो ओडिशा से और एक-एक बिहार, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड और हरियाणा से थे।