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झारखंड: उग्र हुए प्रदर्शनकारी, मचाया उपद्रव, तो पुलिस ने चलाई लाठी, दो डीएसपी समेत दो दर्जन जख्मी

प्रतिनिधि,हजारीबागSudhir Kumar
Mon, 11 Oct 2021 06:33 AM
झारखंड: उग्र हुए प्रदर्शनकारी, मचाया उपद्रव, तो पुलिस ने चलाई लाठी, दो डीएसपी समेत दो दर्जन जख्मी

हजारीबाग के कटकमसांडी में रोजगार की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे ग्रामीणों और पुलिस में जमकर झड़प हुई। इस दौरान आंदोलनकारी ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया तो पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया। साथ ही वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागे।

पांच दर्जन गाड़ियां क्षतिग्रस्त

झड़प में दो दर्जन ग्रामीण और दो डीएसपी समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। बाद में उपद्रवियों ने पांच दर्जन से अधिक छोटे बड़े वाहनों को पत्थर से मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना कटकमसांडी के बानादाग रेलवे साइडिंग में कुसुंभा चौक और टीपी टेंट के पास हुई। यहां पिछले छह दिनों से ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं। उधर, देर शाम डीसी और एसपी के साथ हुई बैठक में ग्रामीणों के साथ 16 प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद समिति ने धरना समाप्त करने का भरोसा दिया।

डीसी को बुलाने की मांग

रविवार को ग्रामीणों ने सड़क जाम कर रखा था। सुबह 8:30 बजे जाम हटाने के लिए पुलिस ने दबाव बनाया, तो ग्रामीण डीसी, एनटीपीसी अधिकारी और एसपी को बुलाने पर अड़ गए। दूसरी ओर, पुलिस के अधकारियों का कहना था कि ग्रामीण जाम को हटा दें। इसके बाद वार्ता होगी। लेकिन ग्रामीण अड़े रहे। पुलिस का कहना है कि इस दौरान ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। तब पुलिस ने पहले वाटर कैनन छोड़ा । इसके बाद भी ग्रामीण नहीं माने तो पुलिस ने आंसूगैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। पथराव में मुख्यालय डीएसपी राजीव कुमार, बड़कागांव एसडीपीओ अमित कुमार, पेलावल इंस्पेक्टर प्रभात कुमार, लोहसिंघना प्रभारी अरविंद कुमार सिह, सीसीयू हवलदार राजेश्वर यादव जख्मी हो गए। इधर उपद्रवियों ने पाच दर्जन वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। क्षतिग्रस्त वाहनों मे एसडीपीओ सदर और सदर थाना प्रभारी सहित कई पुलिस वाहन शामिल हैं। 

एसपी ने कहा

हजारीबाग के एसपी मनोज रतन चौथे ने कहा  कि मामले में किसी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। सभी को पीआर बॉंड पर छोड़ दिया गया है। पुलिस संयम के साथ काम ले रही है। एक इंस्पेक्टर सदर अस्पताल में भर्ती हैं। उनके माथे में चोट लगी है।

क्या है मामला

कोयला साइडिंग से परेशान ग्रामीण प्रभावित किसान बेरोजगार संघर्ष समिति के बैनर तले 5 अक्तूबर से महाधरना दे रहे हैं। समिति की मांग में कंपनी में रोजगार, मुआवजा, मूलभूत सुविधाएं समेत प्रदूषण को रोकना आदि मांगे शामिल है। सांसद जयंत सिन्हा ने भी केंद्र को मामले में रिपोर्ट भी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला साइडिंग से खेत में कोयले का पानी चला जा रहा है। जिससे फसल बर्बाद हो जा रही है। हालांकि एनटीपीसी प्रबंधन ने कहा कि ग्रामीणों को क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है और दी जाती रही है।

कोयला ढुलाई को भी रोका

प्रशासन की ओर से जाम मे फंसे 19 कोयला लदे हाइवा को कुसुम्भा चौक से बानादाग साइडिंग की ओर भेजा गया। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें आधे रास्ते मे ही रोककर पहले टायर की हवा निकाल दी और फिर सभी के शीशे भी तोड़ दिए गए। इस दौरान पुलिस ने पांच आंदोलनकारी जिप सदस्य प्रियंका कुमारी के पति प्रभु साव, सुदेश कुमार, सनुज कुमार, सुबोध कुमार, सौरभ कुमार को पुलिस ने पकड़ लिया। जबकि आधा दर्जन महिलाओं को भी पुलिस हिरासत में रखा। बाद में सभी को पीआर बॉंड पर छोड़ दिया गया।

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