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कांग्रेस ने झारखंड के 'सॉफ्ट टारगेट' विधायकों को छिपाया, चंपई सोरेन को राज्यपाल के निमंत्रण का इंतजार

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब बीजेपी और उसके सहयोगियों की बात आती है तो कुछ ही घंटों में शपथ समारोह आयोजित किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के साथ गठबंधन की घोषणा के महज पांच घंटे बाद जेडीयू

कांग्रेस ने झारखंड के 'सॉफ्ट टारगेट' विधायकों को छिपाया, चंपई सोरेन को राज्यपाल के निमंत्रण का इंतजार
Swati Kumariहिन्दुस्तान टाइम्स,रांचीThu, 01 Feb 2024 04:48 PM
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झारखंड में चल रहे सियासी उठक-पटक के बीच कांग्रेस ने खरीद-फरोख्त के डर से अपने विधायकों को अलग कर लिया है। कांग्रेस पार्टी के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि राज्यपाल ने समर्थन पत्र मिलने के बावजूद चंपई सोरेन के शपथ ग्रहण के लिए निमंत्रण नहीं दिया है। ऐसे में बीजेपी को खरीद-फरोख्त करने से रोकने के लिए हमने अपने विधायकों को सुरक्षित जगह पर रखा है।

मालूम हो कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए जाने से पहले हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के तुरंत बाद चंपई सोरेन को बुधवार को सत्तारूढ़ झामुमो के विधायक दल के नेता के रूप में चुना गया था। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब बीजेपी और उसके सहयोगियों की बात आती है तो कुछ ही घंटों में शपथ समारोह आयोजित किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के साथ गठबंधन की घोषणा के महज पांच घंटे बाद जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार के मामले में उन्होंने इस्तीफा देने के ठीक पांच घंटे बाद शपथ ली। झारखंड के मामले में बहुमत होने के बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री को शपथ नहीं दिलाई। इससे संदेह पैदा होता है। राज्यपाल के पास मांग पत्र है। हम राज्यपाल चाहते हैं। तेजी से निर्णय लेने के लिए। नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलानी होगी, सरकार बनानी होगी।


उन्होंने कहा, 'जब उनसे कांग्रेस विधायकों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। कई विधायक आसान निशाना हो सकते हैं। अगर राज्यपाल ने नए मुख्यमंत्री को शपथ दिला दी होती तो हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं होती। हमने उनके इरादों के आकलन के आधार पर सुरक्षित पक्ष लिया। हमने अपने विधायकों को खुले में नहीं रखा है। हमने विधायकों को सुरक्षित स्थान पर रखा है।'

चंपई सोरेन ने गुरुवार को कहा कि वह सरकार बनाने के लिए राजभवन से आमंत्रण का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने 47 विधायकों के समर्थन का दस्तावेज पेश किया है। उन्होंने कहा, 'हमने कल राज्यपाल को 43 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा। अब हमारे पास 47 विधायकों का समर्थन है। हम 15-16 घंटे तक इंतजार कर रहे हैं जबकि अन्य राज्यों में दावेदारी और आमंत्रण के दो घंटे के भीतर शपथ दिला दी जाती है।'

हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार रात गिरफ्तार किया गया था। इस बीच सुप्रीम कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सोरेन की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है।

उनके वकीलों ने आज झारखंड उच्च न्यायालय में अपनी याचिका वापस ले ली और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज की पीठ से कहा, 'हम हाई कोर्ट में याचिका वापस ले लेंगे... आम चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तारी के तरीके से देश की राजनीति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।' 

गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं, सरकार बनाने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। फिलहाल झारखंड में  JMM, कांग्रेस, RJD और CPI (ML) की गठबंधन की सरकार है। इनके कुल विधायकों की संख्या 48 है, जो बहुमत से 7 अधिक हैं। इनमें JMM के 29, कांग्रेस के 17, RJD के 1 और CPI (ML) के 1 विधायक हैं। यानी सत्तारूढ़ गठबंधन के पास पर्याप्त बहुमत है। 

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