Jharkhand: Naxalites influence in 13 districts safe polling security forces challenge - झारखंड: 13 जिलों में नक्सलियों का प्रभाव, सुरक्षित मतदान कराना सुरक्षाबलों की चुनौती DA Image

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झारखंड: 13 जिलों में नक्सलियों का प्रभाव, सुरक्षित मतदान कराना सुरक्षाबलों की चुनौती 

झारखंड में नक्सल गतिविधियों के मद्देनजर अतिसंवेदनशील 13 जिलों में चुनाव कराना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर चुके भाकपा माओवादी व दूसरे उग्रवादी समूहों के निशाने पर चुनावकर्मी व सुरक्षाबल होते हैं। बीते चुनाव में दुमका में चुनाव कराकर लौट रही टीम को माओवादियों ने लैंड माइंस विस्फोट कर उड़ा दिया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। बीते चुनाव में हुई लापरवाही व मौतों से सबक लेते हुए इस बार राज्य पुलिस ने विशेष ट्रेनिंग की शुरुआत की है। चुनाव के मद्देनजर नक्सल प्रभावित जिलों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है। इन नक्सल प्रभावित जिलों में भी   सबसे अधिक प्रभावित बूथों का चयन जिलों के एसपी के द्वारा किया जा रहा है। 

ये हैं अतिसंवेदनशील जिले 
लोकसभा चुनाव के दौरान खूंटी, गुमला, लातेहार, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, रांची, दुमका, गिरिडीह, पलामू, गढ़वा, चतरा, लोहरदगा और बोकारो को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। चुनाव के पहले से इन इलाकों में बड़े पैमानें पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती होगी। माओवादी गतिविधियों के लिहाज से सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग, धनबाद, गोड्डा को संवेदनशील श्रेणी में रख गया है। वहीं जामताड़ा, पाकुड़, रामगढ़, कोडरमा को कम संवेदनशील जिले की श्रेणी में रखा गया है। देवघर और साहेबगंज जिला में माओवादी गतिविधियां नहीं हुई हैं। 

आईइडी से निपटने की दी जा रही ट्रेनिंग 
झारखंड पुलिस के अभियान एडीजी मुरारीलाल मीणा के मुताबिक, माओवादियों से निपटने की हरसंभव तैयारी की जा रही है। बीते चुनाव में माओवादी लैंड माइंस व आईइडी का इस्तेमाल कर सुरक्षाबलों को निशाना बनाते आ रहे हैं। ऐसे में राज्य पुलिस की ओर से चुनाव कार्य में लगे सीआरपीएफ कर्मियों, सभी जैप बटालियनों और जिला पुलिस को विशेष ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी गई है। जिलावार पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। माओवादी प्रभाव वाले जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। 

आखिरी चरण में हुई थी हिंसा 
साल 2014 में झारखंड में  आखिरी चरण में मतदान के दौरान दुमका के शिकारीपाड़ा में माओवादियों ने मतदान कराकर लौट रहे पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया था। मतदान करा कर लौट रही गाड़ी को आईडडी ब्लास्ट कर माओवादियों ने उड़ा दिया था। इस घटना में पांच सुरक्षाकर्मी समेत आठ मतदानकर्मी मारे गए थे। घटना के बाद तात्कालिन दुमका एसपी निर्मल मिश्र को निलंबित भी कर दिया गया था। इससे पहले तीन चरणों के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हुए थे।

नक्सल प्रभावित जिलों की तैयारी

कम्युनिकेशन ग्रिड 
सुरक्षा बलों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए कम्युनिकेशन ग्रिड स्थापित किया गया है। झारखंड में माओवादी दूसरे राज्यों से आकर चुनाव को प्रभावित न करें, इसके लिए समन्यव समिति की लगातार बैठकें भी हो रहीं। 

नक्सल अभियान
राज्य पुलिस व केंद्रीय बल चुनाव से पहले नक्सलियों के विरुद्ध अभियान चलाएगी। मदद देने वाले आम लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा। जिलों के एसपी को पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाने का निर्देश है।

आधारभूत संरचनाओं का आदान प्रदान
झारखंड पुलिस शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पड़ोसी राज्यों के संसाधनों का भी इस्तेमाल करेगी। चुनाव में हेलीकॉप्टर व गाड़ियों के आदान-प्रदान पर सहमति भी बनी है। 

कहां  किस संगठन का प्रभाव

  • रांची- ग्रामीण इलाके में भाकपा माओवादी, पीएलएफआई
  • दुमका- भाकपा माओवादी
  • चतरा- टीपीसी, भाकपा माओवादी, जेजेएमपी
  • लातेहार- भाकपा माओवादी, जेजेएमपी, टीपीसी
  • पलामू- भाकपा माओवादी, टीपीसी, जेजेएमपी
  • गढ़वा- भाकपा माओवादी
  • गुमला- भाकपा माओवादी, पीएलएफआई
  • सिमडेगा- पीएलएफआई, भाकपा माओवादी
  • बोकारो- भाकपा माओवादी
  • लोहरदगा- भाकपा माओवादी, जेजेएमपी
  • पश्चिमी सिंहभूम- भाकपा माओवादी
  • खूंटी- पीएलएफआई, भाकपा माओवादी
  • गिरिडीह- भाकपा माओवादी 
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