DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

Jharkhand Mob Lynching : पूरे गांव के सामने हुआ था हत्याकांड, आठ गिरफ्तार

jharkhand mob lynching

झारखंड के गुमला में सिसई थाना क्षेत्र के नगर सिसकारी गांव में चार लोगों की हत्या के अगले दिन पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। डायन-बिसाही और ओझागुणी के अंधविश्वास में फंसे हमलावरों ने चापा भगत, उसकी पत्नी पीरी देवी, सुना उरांव और फगनी देवी की रविवार तड़के हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में सुकरा उरांव (पहान), तुला उरांव (पुजार), कुंदरू उरांव, लालू उरांव, राम उरांव, शुकु उरांव, महावीर उरांव और झाड़ी उरांव को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा सनिया उरांव, मड़वारी उरांव, तुलसी उरांव, ललिता देवी, रनिया देवी, बैजन्ती देवी, ठुमैर देवी तथा एक अन्य को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। सभी नगर सिसकारी गांव के ही रहने वाले हैं। पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

gumla lynching

        (सोमवार को आठ आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए)

सोमवार को गुमला के एसपी अंजनी कुमार झा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सिसकारी गांव में चार लोगों की हत्या अंधविश्वास के कारण की गई।  मृतक सुना उरांव की बेटी सिलवंती कुमारी के बयान पर सिसई थाना में घटना की प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें 16 लोगों को नामजद और करीब 60-70 अज्ञात महिला-पुरुषों को आरोपी बनाया गया है। नामजद अभियुक्त में से आठ को गिरफ्तार कर लिया गया है।

क्यों हुई घटना

एसपी ने बताया कि 15-20 दिन पहले गांव में बोलो उरांव नामक युवक की मौत बीमारी के कारण हो गई थी,लेकिन गांव के ही कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने हवा दी थी कि सुना उरांव ने भूत-प्रेत लगा कर बोलो की जान ले ली। वहीं गांव में रात के समय प्रेत की डरावनी आवाज सुनाई पड़ती है। यह बात गांव में जोरो-शोर से फैलाई गई। फलस्वरूप गांव के पहान सुकरा उरांव और पुजार तुला उरांव के नेतृत्व में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि मांडर में ओझा-गुनी का काम करने वाली भगताईन के पास जाकर दिखाया जाएगा। इस निर्णय के मुताबिक गांव के कुछ लोग एकजुट हो कर भगताईन के पास गए। भगताईन ने गांव के कुछेक लोगों का हुलिया बताया और कहा कि इन्हीं लोगों ने गांव में बकरा चरा दिया है। इससे गांव में संकट आया हुआ है। 

अंधविश्वास में फंसे ग्रामीणों को भगताईन ने यह भी कहा कि कुछ खर्च व सामान लगेगा तब कहीं जाकर गांव ठीक होगा। इसी बात को लेकर ग्रामीणों ने बैठक कर सुना उरांव, चापा भगत, फगनी देवी और पीरी देवी से मांडर जाने का खर्च 3500 रुपये और गांव को ठीक करने के लिए कुछ सामान की मांग की। चारों लोगों ने खर्च देने से इनकार कर दिया। इसे लेकर शनिवार की देर रात ग्रामीणों ने बैठक की। बैठक में बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद थे। बैठक में लंबे विचार-विमर्श के बाद सुना उरांव,चापा भगत,फगनी देवी और पीरी देवी को जबरन बारी-बारी से घर से निकाल कर लाया गया। बैठक में इन पर कई आरोप लगाए गए। चारों ने शुरूआत में इसे मानने से इंकार दिया। तब अंधविश्वास में फंसे गोलबंद ग्रामीणों ने इन चारों की बेरहमी से लाठी-डंडे से पिटाई शुरू कर दी। चारों अपनी जान  बख्श देने के लिए गिड़गिड़ाते रहे पर अंधविश्वासी ग्रामीणों को उन पर तनिक भी रहम नही आया। चारों को गांव के अखरा में ही पीट-पीट कर मार डाला। वहीं रविवार की सुबह घटना सामने आने पर सभी अनजान होने का नाटक करते नजर आये। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Jharkhand Mob Lynching massacre took place in front of entire village eight arrested