
झारखंड: वीरेंद्र उरांव हत्याकांड का 14 घंटे के अंदर खुलासा, तीन गिरफ्तार
लोहरदगा के हरमू में 15 नवंबर की सुबह सरेआम हुई हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड में शामिल तीन लोगों को पुलिस ने देसी कट्टा और पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है। लोहरदगा...
लोहरदगा के हरमू में 15 नवंबर की सुबह सरेआम हुई हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड में शामिल तीन लोगों को पुलिस ने देसी कट्टा और पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है। लोहरदगा की पुलिस कप्तान प्रियंका मीणा ने बताया कि हत्याकांड के दो घंटे के अंदर ही दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लोहरदगा थाने के डायरी प्रभारी और अनुसंधानकर्ता सन्नी कुमार की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया गया था। एसपी ने बताया कि तमाम लोगों ने पूरी टीम भावना के साथ काम किया। पूरे मामले का खुलासा 14 घंटे के अंदर कर दिया।

एसपी ने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों की अब खैर नहीं है। उन्होंने कहा कि जुरिया के बडका टोली में चरिया उरांव हत्या मामले में भी पांच लोगों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया। रामपुर निवासी वीरेंद्र कुमार उरांव की हत्या हरमू में गोली मारकर कर दी गई थी। इस मामले में गुमला जिले के घाघरा प्रखंड क्षेत्र के पावन उरांव और निरंजन उरांव के साथ लोहरदगा रामपुर के दीप नारायण सिंह उर्फ चरकू सिंह को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है।तीनों को मंडलकारा भेज दिया गया।
अनुसंधान अधिकारी सन्नी कुमार ने बताया किस मामले के उद्भेदन में पुलिस ड्राइवर संदीप कुमार दीक्षित और जवानों ने भी महत्वपूर्ण काम किया है। इससे अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद मिली है। पुलिस कप्तान ने कहा कि शहर और आसपास में हुए चोरी मामले में भी शीघ्र चोरों की गिरफ्तारी की जाएगी। कई मामलों में चोरों का सुराग मिल चुका है। सब इंस्पेक्टर सन्नी कुमार ने बताया कि हत्या के मामले में जमीन से संबंधित विवाद था।





