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झारखंड में रबी की फसलों पर असर, इस साल कम हुई बारिश; इस वजह से मौसम में बदलाव

झारखंड में कम बारिश होने से रबी की फसलें प्रभावित हो रही हैं। रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में इस बार बारिश कम हुई है। केवल मध्य हिस्से में बोकारो व आसपास के जिलों में कुछ बारिश हुई है।

झारखंड में रबी की फसलों पर असर, इस साल कम हुई बारिश; इस वजह से मौसम में बदलाव
Abhishek Mishraहिन्दुस्तान,रांचीThu, 08 Feb 2024 08:58 AM
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झारखंड में कम बारिश होने से रबी की फसलें प्रभावित हो रही हैं। रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में इस बार बारिश कम हुई है। केवल मध्य हिस्से में बोकारो व आसपास के जिलों में कुछ बारिश हुई है।

कम बारिश के चलते इस बार रबी फसल के लिए किसानों को सिंचाई का प्रबंध करना पड़ रहा है। पूरे सीजन में तीन से चार पटवन करने से खेती की लागत बढ़ गई है।

कम बारिश होने से इस बार रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में भूगर्भ जलस्रोत के नीचे जाने की आशंका है। गर्मी में जलाशय, तालाब और बोरवेल सूख जाने से पानी की किल्लत मार्च से ही शुरू होने का अंदेशा है।

झारखंड में पिछले वर्षों के दौरान 2020 और 2022 में जनवरी-फरवरी के दौरान अच्छी बारिश हुई थी। इन दोनों वर्षों में रबी फसल की खेती अच्छी हुई थी, लेकिन गत वर्ष व मौजूदा साल में बारिश कम होने से इस बार भू-गर्भ जलस्रोत पर संकट बढ़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार राज्य में इस बार बारिश कम हुई है। केवल रांची में जनवरी से लेकर फरवरी तक केवल 5.5 मिमी बारिश हुई। जबकि 2022 में रांची में इस समय तक 52.4 मिमी बारिश हुई। 2020 में भी इस समय तक 44.8 मिमी बारिश हुई थी, लेकिन इस बार स्थिति अलग है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार जनवरी में तीन पश्चिमी विक्षोभ के कारण झारखंड में मौसम में बदलाव हुआ। आसमान में बादल छाए। लेकिन अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं हुई। विभाग के मुताबिक इस सीजन में अक्सर पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश होती है।

रांची के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया,''इस साल पश्चिमी विक्षोभ के कारण झारखंड में मौसम बदला, लेकिन अच्छी बारिश नहीं हुई। जबकि मजबूत विक्षोभ होने से झारखंड में भी अच्छी बारिश होती है, लेकिन अभी समय शेष है। आने वाले समय में मौसम में बदलाव के आसार हैं। स्थिति अनुकूल हो सकती है।"

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