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2 जुलाई, 2020|11:48|IST

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14 दिनों में 1400 किमी दूरी तय कर महाराष्ट्र से झारखंड पहुंचा श्रमिक

jharkhand labor return from maharashtra on cycle

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लगाया गया लॉकडाउन दिहाड़ी मजगूरों के लिए आफत बनकर भी आया है। जब कहीं कोई उम्मीद नहीं दिखी तो लोग जैसे तैसे अपने घर की ओर चल दिए। उन्हीं मजदूरों में गढ़वा जिले के डंडई प्रखंड के बालेखांड़ निवासी कामेश्वर भी है। उसने 14 दिनों में करीब 1400 किमी साइकिल चलाकर अपना गांव पहुंचा। साइकिल चलाने के कारण उसके पैर और जांच में छाले पड़ गए हैं।

कामेश्वर ने बताया कि काम की तलाश में वह दो महीने पहले ही घर से महाराष्ट्र के लिए निकला था। वहां देही गांव में एलएनटी कंपनी की ओर से बनाए जा रहे पुल में दिहाड़ी मजदूरी करने लगा। उसने हफ्ता-10 दिन ही काम किया होगा कि लॉकडाउन लागू हो गया। लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गया। वहीं पर एक माह तक लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार किया। इस बीच उसने कपंनी से अपनी मजदूरी भी मांगा पर नहीं मिला। जब मजदूरी नहीं मिला तो वह वहीं एक व्यक्ति के घर पर रहकर घरेलू काम करने लगा। उसके एवज में उसे 2700 रुपए मजदूरी मिली। उसी मजदूरी के पैसे से 2200 रुपए में एक पुरानी साइकिल खरीदी। उसी साइकिल से वह अपने घर के लिए रवाना हो गया।

लॉकडाउन के कारण आवाजाही पर रोक तो थी पर वह बचते बचाते वह किसी तरह गांव पहुंचा। उस दौरान भूखा प्यासा भी रहा। उसी क्रम में सुदूरवर्ती इलाकों में खुले दुकानों में मजदूरी भी किया। काम के एवज में जो रुपए मिले उससे उसके सफर में कुछ मदद मिली। उसके घर पहुंचने की खबर पर कुछ स्थानीय प्रतिनिधि भी उसके घर पहुंचे। उसने स्वास्थ्य जांच भी कराई। उसे लोगों ने होम कोरंटाइन का पालन करने की सलाह भी दी। 

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  • Web Title:Jharkhand Labor Return From Maharashtra On Cycle In 14 Days By Traveling 1400 KM