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रिपोर्ट से खुलासा: खान-पान में झारखंड बिहार-बंगाल से पीछे

fiber food : photo Shutterstock

सुरक्षित खान-पान के मामले में झारखंड पड़ोसी राज्यों बिहार और बंगाल से भी पीछे है। झारखंड में शुद्धता के मानकों का पालन नहीं हो रहा है। फूड सेफ्टी इंडेक्स में झारखंड 36 राज्यों की रैंकिंग में 35 वें पायदान पर है, जबकि बिहार 11वें और पश्चिम बंगाल 14वें नंबर पर हैं। भारत सरकार के फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी की ताजा रिपोर्ट से इसका पता चलता है। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी की जांच में झारखंड को 100 में से केवल 33 अंक मिले हैं। इस रैंकिंग में केवल लक्षद्वीप राज्य ही झारखंड से पीछे है। झारखंड को केवल 22 अंक मिले हैं। अथॉरिटी ने फूड टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विलांस, कानूनों के अनुपालन की पहल, मानव संसाधन और सांस्थानिक आंकड़े, प्रशिक्षण और क्षमता विकास तथा उपभोक्ता सशक्तिकरण के मानकों पर राज्य की जांच की है। इसके आधार पर 75 फीसदी और उससे अधिक अंक लाने वाले राज्यों को अग्रणी, 60 फीसदी और उससे अधिक अंक लाने वालों को औसत राज्य और 60 फीसदी से कम अंक लाने वाले राज्यों को खाद्य सुरक्षा में कमजोर राज्यों की श्रेणी में रखा गया है। झारखंड खाद्य सुरक्षा में सबसे कमजोर राज्यों के तहत ही है।

पड़ोसी बिहार से है काफी पीछे

झारखंड खाद्य सुरक्षा मानकों में पड़ोसी राज्य बिहार से काफी पीछे है। बिहार इस इंडेक्स में 60 अंकों के साथ 11वें पायदान पर है। उत्तर प्रदेश को भी 60 अंक ही मिले हैं। उत्तराखंड को 44 अंक मिले हैं। पश्चिम बंगाल 14वें पायदान पर है। 

किस पैमाने पर झारखंड को कितने अंक

पैमाना पूर्णांक अंक

फूड टेस्टिंग: इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विलांस 208

कानूनी प्रावधानों का अनुपालन 30 12

मानव संसाधन एवं सांस्थानिक आंकड़े 20 07

प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास 10 02

उपभोक्ता  सशक्तीकरण 20 04

क्या हो रहा नुकसान

खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने के कारण मिलावटी खाद्य-पदार्थों पर रोक नहीं लग पा रही है। भोजन पर गुणवत्ता का संकट है। जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

व्यवस्था में क्या रही कमी

-अधिकारियों की कमी के कारण भोज्य पदार्थों की जांच को गति नहीं मिल सकी।

- फूड टेस्टिंग लैब की कमी के कारण खाद्य-पदार्थों के नमूने की जांच काफी देरी से होती है।

- खाद्य-पदार्थों में मिलावट करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है।

- उपभोक्ताओं की जागरुकता की कोशिश काफी कमी है।

अफसर की सफाई

हमलोग राज्य की उपलब्धियों के आंकड़े ठीक से जमा नहीं कर सके। इस कारण रैंकिंग में नीचे आए। राज्य के सभी आंकड़े जमा होते तो आंकड़ा कुछ ऊपर आता। इस बीच 24 फूड सेफ्टी ऑफिसर के लिए पद स्वीकृत किए गए हैं। 169 मिलावटखोरों के खिलाफ जुर्माना किया गया है। कुछ लोगों पर केस के आदेश दिए गए हैं। मोबाइल फूड सेफ्टी लैब भी चलाए गए हैं। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी की जगह अनुमंडलाधिकारी को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाइसेंसिंग अथॉरिटी बनाया गया है। 
चंद्रकिशोर उरांव, संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त

किस राज्य को कितने स्कोर

झारखंड - 33

बिहार - 60

उत्तराखंड - 44

दिल्ली - 73
 

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  • Web Title:Jharkhand is behind Bihar and Bengal in food index says report